हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश एसएन त्रिपाठी ने पुलिस महानिदेशक जावेद अहमद को एक पत्र भेजा है। इसमें जिले के कई कोतवाली प्रभारियों एवं कोतवाली देहात एटा द्वारा न्यायिक कार्य में सहयोग न किए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने सभी कोतवाली प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है।उन्होंने कहा कि कोतवाली मुरसान के धारा 364,302,201 आईपीसी के वाद में बहस सुनने के बाद पत्रावली निर्णय के अनुक्रम में चल रही है। अभियुक्त रामविजय निवासी नगला अमरा गैर हाजिर हो गया है। उसकी उपस्थिति के लिए उत्पीड़नात्मक कार्यवाही जारी हुई। कम से कम तीन बार इस न्यायालय द्वारा कुर्की का आदेश जारी किया। लेकिन कोतवाल मुरसान द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार करके न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया। कोतवाली सासनी पुलिस के धारा 364ए, 368 आईपीसी के आरोप में दोष सिद्ध अभियुक्त बिट्टू व विजय निवासीगण पवास कोतवाली देहात एटा पलायित हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाल सासनी व कोतवाली देहात एटा को आदेशित किया गया। गैर जमानती वारंट भेजा गया। लेकिन अभी तक पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया। कोतवाली सहपऊ के धारा 302 के अभियुक्त धीरा उर्फ धीरज निवासी मेहरारा भी दोष सिद्ध होने के कारण पलायित हो चुका है। इसकी गिरफ्तारी के लिए भी धारा 82, 83 की कार्रवाई की जा चुकी है। लेकिन पुलिस ने इसको भी अभी तक न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया। जिसके चलते माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की तौहीन हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय की भावनाएं आहत हो रही है। इस अधीनस्त न्यायालय के न्यायाधीश भी स्वम को बड़ा दुखी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक हाथरस व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा को निर्देश दें कि उक्त थाना प्रभारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। न्यायालय के आदेश की तौहीन करने के लिए उनके विरुद्ध चरित्र पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्ट के लिए भी निर्दिष्ट करने की कृपा करें।-----