क्षेत्र के गांव गढ़ी रुस्तम में एक विवहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव बुधवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे कमरे में पंखे पर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। मायके पक्ष ने सुसरालीजनों पर हत्या का आरोप लगाया है।
सूचना पर पहुंची पुलिस महिला के शव को कब्जे में लेकर कोतवाली आ रही थी तो कस्बा के गोपाल नगर चौराहा पर मायके पक्ष के लोगों ने शव को जबरन ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतार लिया। पुलिस कर्मियों से भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे वहां अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया। बाद में कोतवाल के समझाने पर यह लोग शांत हुए।
फीरोजाबाद जिले के थाना एका के गांव राजपुर निवासी होरीलाल ने तीन साल पहले अपनी पुत्री संगीता की शादी क्षेत्र के गांव रुस्तम गढ़ी निवासी तुलसी पुत्र महावीर के साथ की थी। बुधवार को तुलसी एवं उनके परिजन काम पर गए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब वह खाना खाने घर आए तो कमरे मेें पंखे से संगीता लटकी हुई मिली। सभी ने मिलकर उसे पंखे से उतारा एवं एक प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
किसी ने मोबाइल पर फोन पर संगीता के मायके वालों को इसकी सूचना दे दी।
मायके वालों ने गांव से ही कोतवाली पुलिस को इस घटना की सूचना दी। सूचना पर कोतवाली निरीक्षक अवधेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और मायके वालों का इंतजार किया। जब कुछ मायके पक्ष के लोग वहां आ गए तो उनकी मर्जी पर पुलिस उनको एवं शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर कोतवाली ला रही थी। जैसे ही ट्रैक्टर कस्बा के गोपाल नगर के पास पहुंचा, वैसे एक वैन में मायके पक्ष की महिलाएं एवं अन्य लोग आ गए। इन लोगों ने शव को जबरन ट्रैक्टर से उतार लिया। जब पुलिस कर्मियों ने उनको रोकना चाहा तो उनसे धक्का-मुक्की कर दी गई।
धक्का-मुक्की में कांस्टेबल की राइफल गिरने से बच गई। कांस्टेबल ने कोतवाली पुलिस को मोबाइल पर इस घटना की जानकारी दी। थोड़ी देर में मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। कोतवाली निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। महिलाओं एवं मायके पक्ष वालों से उनकी काफी देर तक नोक-झोंक होती रही। मायके वालों का आरोप था कि उनकी संगीता की हत्या सुबह या रात में कर दी गई है।
इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए उसकी लाश को पंखे से लटका दिया गया है। कोतवाली निरीक्षक अवधेश कुमार के काफी समझाने के बाद यह लोग माने। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोतवाली पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली थी, लेकिन मायके पक्ष की तरफ से तहरीर देने की तैयारी चल रही थी। कोतवाली निरीक्षक अवधेश कुमार का कहना है कि तहरीर मिलते ही आरोपियों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।