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शादी के 14 दिन बाद करंट से युवक की मौत, कोहराम

Fri, 08 Dec 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
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दुर्घटना के बाद बिलखते परिजन। - फोटो : amar ujala
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मुरसान क्षेत्र के गांव चमरुआ में शुक्रवार सुबह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और 14 दिन पहले 24 नवंबर को ही उसकी शादी हुई थी। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। शुक्रवार को हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया है। शुक्रवार को कई घरों में चूल्हे नहीं जले। ढांढस बंधाने को घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। 
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चमरुआ निवासी बनी सिंह की पांच संतानों में देवस्वरूप चौथे नंबर के थे और इकलौते बेटे थे। बनी सिंह की तीन बेटियों की शादी हो चुकी है और चौथी सबसे छोटी 18 वर्षीय बेटी इंटर की छात्रा है। बनी सिंह ने 14 दिन पहले 24 नवंबर को अपने बेटे देवस्वरूप की शादी आगरा से की थी। पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात को देवस्वरूप का ममिया ससुर कैंटर लेकर उसके यहां आया और रात को घर पर ही रुका। शुक्रवार सुबह निकलने से पहले जब ममिया ससुर ने कैंटर को स्टार्ट किया तो वह स्टार्ट नहीं हुआ।

कैंटर को चालू करने के लिए खुद बनी सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, उनका बेटा देवस्वरूप भी धक्का लगाने लगे। इस पर भी बात नहीं बनी तो गांव के अनिल पुत्र लेखराज, मुकेश पुत्र बच्चू सिंह व संजू पुत्र लाल सिंह भी कैंटर को धक्का लगाने लगे। इसी दौरान कैंटर का पिछला हिस्सा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के नीचे लगे सेफ्टी वायर से छू गया। दुर्भाग्य से सेफ्टी वायर में हाईटेंशन लाइन का उच्च क्षमता का करंट आ रहा था। यह करंट पलक झपकते ही पूरे कैंटर में फैल गया।
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इस दौरान कैंटर को धक्का लगा रहे सभी लोग इस करंट की चपेट में आ गए। दुर्भाग्य से करंट ने देवस्वरूप को छोड़कर बाकी सभी को दूर फेंक दिया जबकि देवस्वरूप करंट की चपेट में आकर कैंटर से चिपके रह गए। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह कैंटर और हाईटेंशन लाइन को अलग गया। चंद मिनटों में उच्च क्षमता वाले करंट से देवस्वरूप की हालत बेहद गंभीर हो गई। उनका पूरा शरीर नीला पड़ गया। परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में देवस्वरूप को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उनकी बेहद नाजुक हालत देखकर आगरा रेफर कर दिया। आगरा में डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित किया तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

परिवार में देवस्वरूप की शादी से आईं खुशियां मातम में बदल चुकी थीं। आगरा के अस्पताल से देवस्वरूप की मौत की खबर जैसे ही मुरसान के गांव चमरुआ पहुंची, परिवार में मातम शुरू हो गया। महिलाएं फफक-फफककर रो पड़ीं। गांव के बुजुर्ग परिवार के दुखी लोगों को सांत्वना और हौसला देने के लिए घर की ओर दौड़े। देवस्वरूप की पत्नी जो चंद रोज पहले ही दुल्हन बनी थी, मांग का सिंदूर उजड़ने पर दहाड़ मारकर रो रही थी और खुद की किस्मत को कोसे जा रही थी। यह दृश्य दिल दहलाने वाला था।

हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी की। पूर्व मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने शुक्रवार की सुबह जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय ने  पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। भारतीय खाद्य निगम के सदस्य डॉ. अविन शर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर परिजनों का हौसला बढ़ाया। नेताओं ने परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा भी दिलाया है।
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