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बच्चे की हत्या कर तेजाब से जलाया शव 

Thu, 17 Aug 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सहपऊ/हाथरस।
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file photo - फोटो : अमर उजाला
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सहपऊ के मोहल्ला होलीगेट से मंगलवार रात 12 बजे से लापता दस वर्षीय जुगेंद्र उर्फ सुदामा का शव बुधवार शाम को कस्बे से बाहर एक खेत में मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक बच्चे की गर्दन और गुप्तांगों पर चोट के निशान हैं। शव को तेजाब से जलाए जाने के कारण उस पर काले धब्बे पड़ गए हैं। पुलिस उन बच्चों से जानकारी कर रही है जो जुगेंद्र के साथ जन्माष्टमी की रात को मंदिरों में सजे हिंडौले देखने गए थे।  
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जुगेंद्र मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकला था और तभी से उसका पता नहीं चल रहा था। बेटे की तलाश में पिता नरेंद्र कुमार रातभर कस्बे के मंदिरों और उसके दोस्तों के यहां खोजबीन करते रहे। जुगेंद्र का कुछ पता न चलने पर ढकेल पर सब्जी बेचने वाले नरेंद्र कुमार बुधवार दोपहर को रोते-बिलखते सहपऊ थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराने को तहरीर दी। इसके बाद भी वह जुगेंद्र की तलाश में लगे रहे। शाम करीब छह बजे कस्बे से बाहर खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने कुछ कुत्तों को शव को खींचते देखा तो उनका माथा ठनका।

मजदूरों ने पास जाकर देखा तो यह शव एक बच्चे का था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी को उसकी शिनाख्त के लिए बुलाया। शव की दुर्दशा देखकर परिजन फूट-फूटकर बिलखने लगे। एसओ अवधेश कुमार ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आला अधिकारियों को मामले की जानकारी देने के बाद तहकीकात शुरू कर दी। पुलिस ने नरेंद्र कुमार की तहरीर पर फटाफट गुमशुदगी दर्ज कर ली है।
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पुलिस को पहली नजर में यह मामला हत्या का लगा। सीओ योगेश कुमार भी आनन-फानन में सहपऊ थाने पहुंचे और जांच पड़ताल में जुट गए। थाने में उन बच्चों को बुलाया गया जिनके साथ जुगेंद्र हिंडौले देखने निकला था। जुगेंद्र के बड़े भाई और एक अन्य बच्चे से पुलिस पूछताछ कर रही है। बच्चे का शव मिलने के बाद मोहल्ले के काफी लोग थाने में जमा हो गए। 

शव पर कई जगह चोट के निशान हैं। गले पर पड़े निशान से गला घोंटकर हत्या करने की आशंका लग रही है। पहचान मिटाने के लिए तेजाब भी डाला गया है। गुप्तांगों पर चोट के निशान से पता चलता है कि मानसिक रूप से विकृत किसी शख्स ने बच्चे की हत्या की है। पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है। 
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- अवधेश कुमार, एसओ सहपऊ
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