जिले में लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुके धोनी गैंग के सरगना धोनी ने दो दिन पहले एटा के जलेसर में एसीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए धोनी ने आठ साल पुराने बाइक चोरी के एक मामले में सरेंडर किया है। हाथरस गेट पुलिस जल्द ही धोनी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
12 जुलाई की रात को दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने सोनू सराफ निवासी माधवकुंज कॉलोनी को उस समय लूट लिया था, जब वह दुकान बंद कर जा रहे थे। बदमाश सोनू के पास से नकदी और लाखों के जेवरों से भरा थैला लूट ले गए थे। थैले में करीब साढ़े 85 हजार रुपये नकद और साढ़े तीन लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात थे।
लाखों की इस लूट में रितेश उर्फ धोनी निवासी निनामई, सासनी शामिल था। पुलिस ने लूट के आरोपी अलीगढ़ के थाना विजयगढ़ क्षेत्र के गांव कठेरा निवासी कन्हैया पुत्र नरेंद्र सिंह को धर दबोचा था। पुलिस ने कन्हैया के कब्जे से लूटा गया कुछ सोना-चांदी भी बरामद किया था। कन्हैया ने बताया था कि लूटा गया ज्यादातर माल धोनी के पास है। पुलिस तभी से धोनी का पता लगाने में जुटी थी। इसके लिए उसके रिश्तेदारों के यहां दबिश दी जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक धोनी ने हाल ही में दिल्ली में एक अधिकारी के घर डाका डाला है। इसके बाद से यूपी एसटीएफ ने उस पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस से बचने के लिए धोनी के पास सिवाय सरेंडर के कोई चारा नहीं था। कोतवाल हाथरस गेट अनिल कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने एक दारोगा को जलेसर भेजा है। कोर्ट से रिमांड लेकर धोनी से पूछताछ की जाएगी और लूटे गए माल को बरामद किया जाएगा। मालूम हो कि धोनी को बीते साल तत्कालीन एसपी अजयपाल शर्मा के समय पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। जमानत पर छूटने के बाद धोनी फिर अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया और जिले में ही उसने कई लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।