एडीजे एफटीसी कोर्ट संख्या प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने पत्नी के अपहरणकर्ता पति को आठ साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसे अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रेमवती पत्नी ओमप्रकाश निवासी लक्ष्मी धर्मकांटा के पास हाथरस रोड सादाबाद ने थाने में तहरीर दी कि उसकी पुत्री शोभा का अपने पति से मुकदमा चल रहा है। शोभा 20 जून 2014 को दोपहर करीब एक बजे अपने मुकदमे की जानकारी करने और घरेलू सामान खरीदने की बात कहकर घर से हाथरस आई थी। उसके बाद वह वापस घर नहीं आई। उसकी काफी तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिली।
प्रेमवती ने आशंका जताई कि शोभा का अपहरण शोभा के पति नीरज कुमार पुत्र मूलचंद निवासी मोहल्ला बरीवाला रमनपुर बागला अस्पताल के पीछे व अन्य ससुरालियों ने किया है। इस तहरीर के बाद पुलिस ने मुकदमा कायम किया और फिर विवेचना की। विवेचना के बाद विवेचनाधिकारी ने अभियुक्त नीरज कुमार शर्मा के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
इस मामले में अब एडीजे एफटीसी कोर्ट संख्या प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने धारा 364 के तहत नीरज को आठ साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर उसे चार माह की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी एसएस चौहान ने पैरवी की।