जिले में अनाज घोटाले को लेकर पूर्ति विभाग इन दिनों सुर्खियों में है। यहां पांच आधार कार्डों पर 1065 कार्डधारकों के खाद्यान्न की कालाबाजारी की जा रही थी। जांच के बाद अब विभागीय अधिकारियों ने तीन कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए है।
इस घोटाले में एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर लिया गया, जबकि देर शाम सादाबाद के दो कोटेदारों के िखलाफ भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस अनाज घोटाले में दो सादाबाद क्षेत्र और एक सिकंदराराऊ क्षेत्र के कोटेदार संलिप्त पाए गए हैं।
जिले में अनाज घोटाले की जानकारी मिलते ही डीएसओ सुरेंद्र यादव ने इस मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने इस मामले में तीन कोटेदारों को प्रथमदृष्टया जांच में दोषी पाया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार कोटेदार संजू गुप्ता द्वारा 213 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के 30.15 कुंतल गेंहू, 20.10 कुंतल चावल, और 426 लीटर मिट्टी का तेल, कोटेदार मुन्ना लाल द्वारा 160 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के 20.70 कुंतल गेंहू, 13.80 कुंतल चावल, और 320 मिट्टी का तेल, सिकंदराराऊ की कोटेदार नीतू जैन द्वारा 61 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के 10.56 कुंतल गेंहू, 7.04 कुंतल चावल, और 112 लीटर मिट्टी का तेल का गबन करके कालाबाजारी की गई है। इन विक्रेताओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
वहीं तकनीकी ऑपरेटर राकेश बाबू द्वारा बायोमेट्रिक ऑथेन्टिकेशन का दुरुपयोग कर एक ही आधार से ई-पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरण के लिए ट्रांजेक्शन किए जाने के कारण संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। फिलहाल अभी विभागीय स्तर जांच जारी है। जल्द ही कई और मामले खुलकर सामने आने वाले है।