हाथरस। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। अध्यक्षता प्रभारी जनपद न्यायाधीश कौटिल्य गौड़ ने की। इसमें विभिन्न प्रकृति के 638 वादों का निस्तारण किया गया। एक मोटर दुर्घटना के एक वाद में 3,10,000 रुपये प्रतिकर दिलाया गया।
इस मौके पर 21 व्यावहारिक वाद, 06 उत्तराधिकार अधिनियम, 24 भरण-पोषण, 10 अन्य वैवाहिक वाद निस्तारित कर 3,08,000 रुपये अर्थदंड वसूला गया। 365 लघु आपराधिक वादों का निस्ताण कर 95,820 रुपये अर्थदंड वसूला गया। एडीजे कौटिल्य गौड़ के न्यायालय ने एक मोटर दुर्घटना के मामले में 3,10,000रु पये प्रतिकर दिलाया। एक व्यावहारिक वाद और दो लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 500 रुपये अर्थदंड वसूला। अल्ला रक्खे खां प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय हाथरस के न्यायालय ने 24 भरण-पोषण के वाद एवं 10 अन्य वैवाहिक वादों का निस्तारण कर पति-पत्नी को राजी खुशी घरों को भेजा। एडीजे तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने तीन सिविल वाद एवं छह फौजदारी वादों का निस्तारण कर 20 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला। एडीजे एफटीसी राजकुमार बंसल के न्यायालय ने तीन फौजदारी वादों का निस्तारण कर 2,500 रुपये अर्थदंड वसूला। एडीजे चतुर्थ अल्पना सक्सेना के न्यायालय ने 110 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 3,08,000 रुपये अर्थदंड वसूला। सीजेएम गौरव कुमार के न्यायालय ने 146 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 37,810 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज वरिष्ठ प्रभाग ओमवीर सिंह ने 10 व्यवहारिक एवं 06 उत्तराधिकार के वाद निस्तारित किए। सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग डॉ.सुरेश कुमार ने दो व्यवहारिक वादों का निस्तारण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह ने आठ लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 4,900 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग न्यायिक मजिस्ट्रेट सिकंदराराऊ मनोज कुमार जाटव ने दो व्यवहारिक वाद एवं 24 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 3,760 रुपये अर्थदंड वसूला। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद विनीत कुमार वासवानी ने 25 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 25,150 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग सादाबाद राघवेंद्र मणि ने तीन व्यावहारिक और तीन लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 1,200 रुपये अर्थदंड वसूला। एडीएम न्यायालय ने छह स्टांप एक्ट के वाद निस्तारित किए। चकबंदी अधिकारियों ने छह चकबंदी वाद निस्तारित किए। एसडीएम सादाबाद ने 32, एसडीएम हाथरस ने 45, एसडीएम सिकंदराराऊ ने 54, एसडीएम सासनी ने 17 वादों का निस्तारण किया, जबकि तहसील न्यायालयों में भी 82 वादों का निस्तारण हुआ।
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