अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय में मंगलवार को प्रमोद महाविद्यालय महरारा के प्रबंधक प्रमोद कुमार गौतम की दो मामलों में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने दोनों ही मामलों में जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया।
एक मामले में अनुसूचित जाति के छात्र प्रदीप कुमार पुत्र देशराज निवासी एटा द्वारा कमिश्नर से एक शिकायत की गई थी। इसमें कहा गया था कि उसका डॉ. बीआर अंबेडकर विवि में काउंसलिंग के बाद जीरो बैलेंस पर एडमिशन हुआ था। इसके बावजूद प्रवेश के समय प्रमोद महाविद्यालय के प्रबंधक ने 30 हजार रुपये की मांग की। मांग पूरी नहीं करने पर धमकी देने और उत्पीड़न करने के आरोप छात्र ने लगाए थे। इस मामले में कोतवाली सहपऊ में उनके खिलाफ 13 मई, 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
उधर समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय हाथरस के वरिष्ठ सहायक प्रद्युम्न कुमार वार्ष्णेय ने शुल्क प्रतिपूर्ति में गबन का मुकदमा 20 जनवरी, 2009 को दर्ज कराया था। प्रबंधक प्रमोद कुमार गौतम और महाविद्यालय की प्राचार्या बीना गुप्ता के खिलाफ 4 लाख 67 हजार 800 रुपये की छात्र प्रतिपूर्ति का गबन का आरोप लगाया गया था।
दोनों ही मामलों में प्रमोद गौतम की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई थी। दोनों को ही न्यायालय ने खारिज कर दिया। इन दोनों मामलों में आरोपी को पूर्व में अंतरिम जमानत भी दी गई थी। वादियों की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय, नीरज गौतम और मयंक शर्मा एडवोकेट ने की।