ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
हाथरस डिपो की रोडवेज बसों में टिकटों का फर्जीवाड़ा रुक नहीं रहा। रोज एक नया मामला सामने आने से अधिकारी जहां सकते में हैं तो वहीं चालक परिचालकों में खलबली मची हुई है। हाथरस डिपो की बस में शनिवार को एक यात्री को हाथ से लिखी टिकट थमा दी गईं। बाकायदा इस पर हैंडराइटिंग से ही किराया, बस नंबर और डिपो का नाम अंकित था। इसकी शिकायत यात्री ने एआरएम से फोन पर भी की।
हाथरस डिपो की बसों में टिकटों के फर्जीवाड़े का यह तीसरा मामला है। शनिवार को मथुरा निवासी संतोष हाथरस डिपो की बस संख्या 2630 में कासगंज से हाथरस के लिए आ रहे थे। संतोष को परिचालक ने हाथ से लिखी हुई टिकट थमा दीं। परिचालक ने टिकट पर पैन से किराया लिखा, बस नंबर भी डाला। इस तरह की टिकट बस में कई यात्रियों को प्रदान की गईं। संतोष ने इसकी शिकायत एआरएम से फोन पर भी की। एआएम विनोद कुमार ने बताया कि एक यात्री ने हाथरस डिपो की बस संख्या 2630 की शिकायत फोन पर की थी।
उन्होंने यात्री को समझाया था कि ईटीएम मशीन प्रिंट नहीं निकाल रही, इस वजह से उन्हें इस तरह की टिकट दी गई है। हालांकि एआरएम ने माना कि परिचालक ने मशीन के प्रिंट न देने की स्थिति में यात्रियों को मैनुअल टिकट देनी चाहिए थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके लिए उस पर कार्रवाई की जाएगी।