हाथरस। जिलेभर में चल रहे नशीली व प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए बुधवार को औषधि विभाग व शहर कोतवाली पुलिस ने शहर के कई मेडिकल स्टोर और उनके गोदामों पर छापा मारा। छापे में मिलीं 500 नशे की टेबलेट सील कर दी गईं। कुल 9 दवाओं के नमूने लिए गए। दवा विक्रेताओं को नोटिस भी जारी किए गए।
जिले में नशीली व प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार की जड़ेे गहरी होती जा रही हैं। नशे के कारोबार की कमर तोड़ने के लिए डीएम और एसपी के निर्देश पर बुधवार को औषधि विभाग के स्थानीय औषधि निरीक्षक पूरनचंद्र, अलीगढ़ के असिसटेंट कमिशभनर आरपी पांडेय और कासगंज के औषधि निरीक्षक राजकुमार वर्मा ने शहर के घंटाघर स्थित ह्देश मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां से टीम ने तीन दवाओं के नमूने लिए। दवा विक्रेता पांच दवाओं के खरीद बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। ग्राहकोें को बिल जारी नहीं किए जा रहे थे। फ्रिज सुचारू अवस्था में नहीं था और साफ सफाई की व्यवस्था भी खराब थी। इन अनियमितताओं पर दवा विक्रेता को सात दिन का नोटिस दिया गया। टीम ने प्रदीप मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां टीम को 150 नशीली टेबलेट मिलीं। इन दवाओं को मौके पर ही सील कर दिया गया। यहां से इन नशीली दवा के नमूने सहित अन्य दो दवाओं के भी नमूने लिए गए। दवा विक्रेता सात दवाओं के खरीद बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। होलसेल लाइसेंस का रिकॉर्ड नहीं मिला। 7 दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई गई। यहां भी साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं मिली। मुरसान रोड स्थित मोहन मेडिकल पर भी छापा मारा गया। यहां 350 नशीली टेबलेट मिलीं, जिन्हें सील कर दिया गया। यहां से नशे की दवा सहित अन्य दो दवाओं के नमूने भी लिए गए। दवा विक्रेता को सात दिन का नोटिस भी जारी किया गया। होलसेल माल कहां सप्लाई किया जा रहा है, इसका भी रिकॉर्ड नहीं मिला। तीनों दवा विक्रेताओं को चेतावनी दी गई कि यदि सात दिन में नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। दवाओं के नमूनों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। इस दौरान एसओ मनोज शर्मा व अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
मकान पर भी मारा छापा, खाली हाथ लौटी टीम
भारी मात्रा में नशे के इंजेक्शन का भंडार होने की सूचना मिलने पर औषधि विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मधुगढ़ी रोड स्थित एक मकान पर भी छापा मारा। यहां पर टीम को कुछ भी हाथ नहीं लग सका। टीम निराश होकर वहां से वापस लौट आई।
छापा पड़ते ही धड़ाधड़ गिरे दुकानों के शटर
इस छापामार कार्रवाई से मेडिकल स्टोर संचालकों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। शहर की दो दुकानों पर छापा पड़ते ही शहर की अधिकांश दवा की दुकानों के शटर गिर गए। दवा विक्रेता दुकानों को बंद कर भाग गए। औषधि विभाग की कार्रवाई पूरी होने तक यह दुकानें बंद रहीं। औषधि निरीक्षक पूरनचंद्र ने बताया कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
गांव और कस्बों में भी खूब फल फूल रहा नशे का कारोबार
हाथरस। सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि गांव से लेकर कस्बों तक नशीली और प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार फैल चुका है। दवाओं की दुकानों से लेकर परचून की दुकानों तक इन नशीली दवाओं और इंजेक्शन की बिक्री की जा रही है।
जिले में इस नशीले कारोबार की जड़े इतनी फैल चुकी हैं कि इस पर हाल ही काबू पाना आसान नहीं है। नशीली दवाओं के कारोबार के पीछे कुछ दुकानदार, सेल्समैन सहित अन्य लोगों का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। शहर से लेकर कस्बों व गांवों में नशीले इंजेक्शन और दवाओं की सप्लाई हो रही है। बाहरी शहरों से भी इन दवाओं को विक्रेता ला रहे हैं। इन दवाओं के कारोबार में जुटे लोग थोड़े से लाभ के किए इन दवाओं का कई गुना ज्यादा दामों पर बेच रहे हैं। इस तरह की दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचना कानूनी अपराध है, लेकिन इसकी परवाह न करते हुए इन दवाओं का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। आज की युवा पीढ़ी भी इस नशे की लत में पड़कर बर्बाद होती जा रही है। युवा नशे की लत के कारण आपराधिक कदम उठाने से भी नहीं चूक रहे।
नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्हें कई स्थानों पर गुप्त रूप से नशे का कारोबार होने की जानकारी मिली है, जिन पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की जा रही है। पूरनचंद्र, डीआई, हाथरस