बीते सात साल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी लुटेरा पूरन पुत्र चरन सिंह निवासी झिनवार, थाना निधोली कला, एटा को सदर कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। पूरन 2011 में लाला के नगला में मुकेश कुमार अग्रवाल के घर से हुई लाखों की लूटपाट में शामिल था। पुलिस से बचने के लिए उसने खुद के मरने की बात फैला दी थी। मार्च 2013 में कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत लगाए गए आरोपों में पूरन को दो साल की सजा भी सुनाई थी लेकिन पूरन पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था।
मुठभेड़ का खुलासा करते हुए एसपी घुले सुशील ने बताया कि कोतवाली पुलिस सरगर्मी से इस लुटेरे की तलाश कर रही थी। मंगलवार रात को पुलिस गश्त कर रही थी, तभी पूरन के कांशीराम कॉलोनी से आगे गंदे नाले के पास होने की सूचना मिली। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे घेरा लिया। पुलिस से बचने के लिए पूरन ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए उसे दबोच लिया।
एसपी ने बताया कि आरोपी और उसके साथियों पर लूटपाट के कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी लाला के नगला में मुकेश अग्रवाल के यहां से छह लाख रुपये नकद, 10 सोने की जंजीर, तीन गले के सेट, 15 सोने की अंगूठी, आठ सोने की चूड़ी और चांदी के जेवरात, मोबाइल आदि लूटकर ले गए थे। इस मामले में पूरन के बाकी साथी पकड़ लिए गए थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने खुद के मरने की अफवाह फैला रखी थी। हालांकि पुलिस की छानबीन में आरोपी के जिंदा होने की बात पता चलने पर उसकी गिरफ्तारी की कोशिश शुरू कर दी गई।