मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह एक दृष्टिहीन को मारपीट कर 2.10 लाख रुपये लूट लिए गए। दिव्यांग अपने चचेरे भाई से जेल में मिलाई करने उड़ीसा जा रहा था। हसायन पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के विरुद्ध लूट के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दृष्टिहीन जगदीश दिवाकर पुत्र रामनिवास दिवाकर निवासी बसई, सिकंदराराऊ अपने चचेरे भाई कृष्ण गोपाल से मिलाई करने कटक, उड़ीसा जा रहा था। यहां कृष्ण गोपाल एक मामले में जेल में बंद हैं। जगदीश दिवाकर को उनके गांव के गुडडू पुत्र कुंवरपाल और नगेंद्र सिंह पुत्र पप्पू सिंह बाइक से सिकंदराराऊ तक छोड़ने जा रहे थे। गांव सूआ के निकट नाले की पुलिया पर पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने जबरन बाइक को रोक लिया और जगदीश के साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी।
इसके बाद उन्होंने जगदीश के पास रखे 2.10 लाख रुपये छीन लिए। जगदीश के पीछे उनके बहनोई वीरेंद्र भी बाइक लेकर आ रहे थे। आगे लूट होते देख वीरेंद्र रुक गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर एसओ हसायन एमएस भाटी पहुंच गए और छानबीन शुरू कर दी। हसायन पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ हसायन एमएस भाटी का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को दबोचकर घटना से पर्दा हटाया जाएगा।
ई-रिक्शा लूटा, चालक को खेत में फेंका
हाथरस। बीते कुछ दिनों में ई-रिक्शा लूटने के कई मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार दोपहर से लापता ई-रिक्शा चालक एेंहन के खेतों में मंगलवार को बेहोश पड़ा मिला। होश में आने पर युवक ने बताया कि वह दो लोगों को जलेसर रोड तक ले गया था। आरोपियों ने इस बीच उसे खाने में नशीला पदार्थ दे दिया। इसके बाद आरोपी उसका ई-रिक्शा लूटकर चले गए और उसे खेतों में फेंक गए।
थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव नगला चोखा के रहने वाले सुनील पुत्र दुर्गाप्रसाद का सोमवार दोपहर तीन बजे से ही पता नहंीं चल रहा था। परिजनों ने खोजबीन के बाद थाने में सुनील के गुम होने की सूचना भी दी थी। ई-रिक्शा लूटे जाने के मामले बढ़ने से पुलिस को पहले ही इस तरह की घटना की आशंका सता रही थी। पुलिस सुनील की तलाश में लगी ही थी कि परिजनों को ऐंहन में उनके बेटे के होने का पता चला। शाम को परिजन सुनील को लेकर थाने पहुंचे, जहां उसने विस्तार से आपबीती पुलिस को बताई।
इंस्पेक्टर हाथरस गेट रजनेश तिवारी का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को दबोचने की कार्रवाई की जाएगी। यह पहला मामला नहीं है, जब ऐसा हुआ हो, इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को भी सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव कलवारी में एक ई-रिक्शा चालक बेहोश मिला था। वह चंदपा क्षेत्र के गांव कटैलिया का निवासी है। उसे भी लुटेरों ने सवारी बनकर झांसा दिया और मौका मिलते ही नशीला पदार्थ सुंघाकर ई-रिक्शा और नकदी लूट ली थी। ई-रिक्शा का कहीं पंजीकरण नहीं होता, इसलिए इसे लूटना और उसके बाद पहचान साबित नहीं होने से इस्तेमाल करना या बेचना बेहद आसान है।