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कई जिलों में 12 मुन्नाभाईयों ने कराया चिकित्सकीय परीक्षण-First Page

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
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पुलिस भर्ती परीक्षा 2015 में सामने आए फर्जीवाड़े की जांच में हाथरस पुलिस के हाथ अहम जानकारी लगी है। पता चला है कि अलीगढ़ के गोंडा थाना क्षेत्र के गांव सुबकरा निवासी बर्खास्त सिपाही भोलाशंकर इस गिरोह की अहम कड़ी है। उसने फर्जीवाड़ा कर करीब एक दर्जन मुन्नाभाइयों को पुलिस भर्ती परीक्षा 2015 में शामिल करा दिया है। ज्यादातर के मेडिकल परीक्षण हो गए हैं। पांच-पांच लाख रुपये लेकर इन्हें आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बदायूं में आयोजित भर्ती में शामिल कराया गया है।

रविवार को पुलिस ने दिनेश को सादाबाद के गांव कजरौठी के फौजी सतीश के नाम से आवेदन कर नौकरी पाने की कोशिश करते समय पकड़ लिया था। कोतवाल हाथरस गेट योगेश सिरोही ने इस संबंध में बताया कि दिनेश ने फरार होने से पहले पूछताछ में बर्खास्त सिपाही भोलाशंकर का नाम लिया था। भोलाशंकर को भी इस फर्जीवाड़े में आरोपी बनाया गया है। अब दोनों की तलाश की जा रही है। पता चला है कि दिनेश की तरह 12 अन्य मुन्नाभाइयों को आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बदायूं में आयोजित भर्ती में शामिल कराया गया है।
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बर्खास्त सिपाही ने सभी को पांच-पांच लाख रुपये में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। संबंधित जिलों की पुलिस को इसकी सूचना दी जा रही है ताकि वे धोखा देकर नौकरी हासिल न कर सकें। कोतवाल सिरोही ने बताया कि आरोपी भोलाशंकर 1989 बैच का सिपाही था। 2009 में अपनी हरकतों के कारण उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
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तभी से यह पुलिस व अन्य भर्तियों में रुपये लेकर नौकरी दिलाने वाले गिरोहों के लिए काम करने लगा। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही पुलिस उनको दबोच लेगी। दिनेश और भोलाशंकर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
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