जिले में मिलावटखोरों की जैसे शामत आ गई हो। खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट करने वालों पर लगातार जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। अब फिर से एडीएम न्यायालय ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत 11 मिलावटखोरों पर 5,35,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इन्हें जुर्माना अदा करने के लिए नोटिस भी जारी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला अभिहीत अधिकारी डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में अगस्त माह में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। कई प्रकार की खाद्य वस्तुओं के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए लैब भेजे गए थे। इनमें से कई नमूनों को लैब ने जांच में फेल कर दिया। इन फेल आए नमूनों के मामलों की पैरवी मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी हरींद्र सिंह ने की थी। न्याय निर्णायक अधिकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने स्वीटेंड कार्बोनेटेड का नमूना फेल आने पर हरीओम पुत्र भूदेव प्रसाद निवासी काशीराम आवास पर 2,10,000, पनीर में मिलावट पाए जाने पर औरंगजेब पुत्र सकूल खां निवासी सासनी पर 30 हजार, सोनपपड़ी में मिलावट पाए जाने पर नीरज पाठक पुत्र रामबाबू निवासी रंगपुरा पर 25 हजार, बिना पंजीयन के खाद्य पदार्थों की बिक्री करने पर महेश पुत्र कालीचरन निवासी पथवारी मोहल्ला पर 25 हजार, सरसों के तेल में मिलावट पाए जाने पर मुकेश कुमार पुत्र बसंतलाल निवासी कमरई चंदपा पर 50 हजार, क्रीम में मिलावट पाए जाने पर सुशील कुमार पुत्र सुखदेव शर्मा निवासी हतीसा पर 50 हजार, मिश्रित दूध में मिलावट पाए जाने पर सत्यपाल उर्फ शेरू पुत्र सुखपाल निवासी महामौनी पर 50 हजार, ग्लूकोज पाउडर में मिलावट पाए जाने पर कमल सिंह पुत्र भीकंबर निवासी चंदपा पर 25 हजार, घेवर में मिलावट पाए जाने पर खेमचंद पुत्र रामचंद्र पर 20 हजार, घेवर में मिलावट पाए जाने पर राकेश कुमार पुत्र रामबाबू निवासी कोलियान हसायन पर 25 हजार, मिश्रित दूध में मिलावट पाए जाने पर इंद्र सिंह पुत्र थान सिंह निवासी नगला हीरा मुरसान पर 25 हजार रुपये के जुर्माना (अर्थदंड) लगाए जाने की कार्रवाई की गई है।