अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष जैन ने जानलेवा हमले के मामले में चार आरोपियों को चार-चार साल कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चमेली देवी ने थाना सहपऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका बेटा जयप्रकाश 11 जून 2011 को दोपहर तीन बजे आम के पेड़ के नीचे से निकल रहा था तो कोमल व जुग्गन पुत्रगण रामप्रसाद, बनी सिंह पुत्र जुग्गन, लोका पुत्र जुग्गन निवासीगण गढ़ी अलिया उसके बेटे से गाली-गलौज कर रहे थे। जब जयप्रकाश ने उनसे गाली देने से मना किया तो इन लोगों ने लाठी, डंडा व सरिया से उस पर हमला कर दिया। उसे बचाने के लिए आए संपति देवी पत्नी जयप्रकाश, प्रीतम सिंह, ऊषा को भी मारा पीटा। इसमें जयप्रकाश के अलावा इनके भी काफी चोटें आई। पहले यह मुकदमा धारा 323, 504, 506 में दर्ज किया गया।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इसमें धारा 308 की बढ़ोतरी की गई। विवेचना के उपरांत कोर्ट में इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया। एडीजे आशीष जैन ने इस मामले में अभियुक्तों कोमल सिंह, जुगेंद्र, बनी सिंह व लोकेंद्र को चार-चार साल कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। चोटिल जयप्रकाश को अर्थदंड की जमा धनराशि में से 10 हजार रुपये की धनराशि देनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी शिवेंद्र चौहान ने की।