नगर पालिका के टाउन हॉल में होने वाली बोर्ड की बैठक सभासदों के हंगामे के चलते स्थगित हो गई। शहर के विकास के लिए यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि सदन में अधिकांश प्रस्ताव सड़काें के निर्माण से संबंधित ही थे। हर वार्ड में सड़क निर्माण के प्रस्ताव बनाए गए थे।
सभासदों ने एक-दूसरे पर यह कहते हुए आरोप भी लगाए कि किसी सभासद के क्षेत्र में अधिक सड़कें दी गई हैं तो किसी के यहां एक दो। इस बात को लेकर सभासदों आपस में कई बार भिड़ भी गए।
बोर्ड बैठक होती और सड़कों के प्रस्ताव पास हो जाते तो आचार संहिता लगने से पहले ही सड़कों के निर्माण कार्य भी शुरू हो जाते। कई क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी हुई है। गलियों में भी सड़क नहीं होने से लोग परेशान हैं।
बोर्ड बैठक में यूरीनल ब्लॉक की आपूर्ति, तालाब के सौंदर्यीकरण के संबंध में डीपीआर पर होने वाली व्यय की स्वीकृति, पालिका सीमांतर्गत विज्ञापन कर का निर्धारण और वसूली, जलकर और गृहकर की चालू मांग पर छूट और बकाया मांग पर सरचार्ज का निर्धारण, कैलाशनगर का नाम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से रखे जाने, 350 नग एलईडी लाइट्स की आपूर्ति, क्षतिग्रस्त पेयजलापूर्ति पाइप लाइन की मरम्मत, 250 हैंडपंप की रिबोरिंग, पेयजल आपूर्ति के लिए 20 नग एचपी मोटर पंपसेट की आपूर्ति, लगभग 156 सड़कों का निर्माण आदि प्रस्ताव रखे जाने थे।
कुछ सभासदों ने बोर्ड बैठक में चेयरमैन डौली माहौर की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। बाद में पता चला कि चेयरमैन सीमा विस्तार के सिलसिले में अहम बैठक में भाग लेने लखनऊ गई हुई हैं।
- सभासदों के हंगामे के चलते बोर्ड बैठक स्थगित हो गई थी। अगली बैठक शीघ्र ही कराए जाने के लिए चेयरमैन से वार्ता की जाएगी।
- बालकृष्ण कुम्हेरिया, ईओ