स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को कोविड के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन बीआरसी हतीसा पर कोरोना की जांच के लिए सैंपलिंग के दौरान नियमों का पालन होते नजर नहीं आया। बिना पीपीई किट के ही स्वास्थ्य विभाग की टीम शिक्षक-शिक्षिकाओं के सैंपल लेते हुए नजर आई। इस बात का शिक्षकों ने दबी हुई आवाज में विरोध भी किया। वहीं शिक्षकों के व्हाट्स ग्रुपों में भी इस बात का विरोध दिखा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोकस सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जगह-जगह जाकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कोरोना की जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं। इसी तहत रविवार को बीआरसी हतीसा पर फोकस सैंपलिंग का कार्यक्रम हुआ। जिसमें शिक्षक-शिक्षिकाओं की कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिए गए। शिक्षकों का आरोप है कि कोरोना की जांच के सैंपल लेने आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीपीई किट नहीं पहनी हुई थी। जिस पर शिक्षकों ने दबी हुई आवाल में विरोध भी जताया, क्योंकि शिक्षकों को डर था कि ऐसे में अगर कोई भी जांच पॉजीटिव आई और उसके कारण दूसरे शिक्षक संक्रमित हुए तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? इस बात का विरोध बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के व्हाट्स एप ग्रुपों में भी देखने को मिला।
फोकस अभियान के तहत कोरोना की जांच के लिए सैंपलिंग कराई जा रही है। जो टीम सैंपल ले रही है, वह पीपीई किट क्यों नहीं पहन रही, इस बात की जानकारी की जाएगी। जो भी नियम होगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी, सीएमओ