कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल का स्वागत करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
सादाबाद (हाथरस)। आवारा गोवंश से राहत देने के लिए सरकार ने काम शुरू कर दिया है। प्रत्येक जनपद को एक करोड़ 20 लाख रुपये दिया गया है, जिससे गौ संरक्षण सदन बनाए जा रहे हैं। 52 जिलों में गो संरक्षण सदन बनाए जाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। 100 करोड़ रुपये स्थानीय निकायों को गोशाला, कांजी हाउस आदि बनाने के लिए दिया गया है। जल्द ही किसानों को आवारा पशुओं से राहत मिल जाएगी।
यह बातें उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल ने सादाबाद आगमन पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होने कहा कि अब न तो हल चल रहे और न बैलगाड़ी, न कोल्हू औ न ही रहट चल रही है। किसान दो बार खेत की जुताई के लिए 365 दिन बैलों को नहीं रख पाता है, वह उनकी चारे की व्यवस्था कहां से करेगा। पहले जब गाय बछड़ा देती थी तो ढोलक बजती थी, गुड़ बंटता था, लेकिन अब समय बदल गया है। अब बैलों की जगह ट्रैक्टर ने ले ली है। यूपी लघु सीमांत किसानों वाला राज्य है, किसी के पास पांच से सात बीघा जमीन है और उसकी दो बार जुताई होती है तो किसान बैल की जगह किसान ट्रैक्टर को किराए पर ले आता है। अगर बैल रखेगा तो उसका अर्थशास्त्र गड़बड़ा जाता है, वहां कहां से उसके चारे का इंतजाम करेगा। कई तरह की मशीन आ जाने की वजह से गाय और बैल अनुपयोगी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने निजी साधनों से गोशाला चलाएगा तो 30 रुपये रोज दिए जाएंगे। इसके लिए दानदाता भी दान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका की एक कंपनी से समझौता हो गया है कि कृत्रिम गर्भाधान की मदद से अब गायों से 92 फीसदी बछिया ही पैदा होंगी। कंपनी का इस तरह का प्रयोग सफल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा भी नैतिक पतन हुआ है, पहले हम बैल और गाय को हम खुला नहीं छोड़ते थे, लेकिन अब जैसे ही गाय ने दूध देना बंद किया, हम उसे खुला छोड़ देते हैं तो कहीं न कहीं इसके लिए हम भी जिम्मेदार हैं। उन्होने कहा कि उनकी सरकार को 19 माह हो गए हैं। जिस दिन से शपथ गृहण की, उस दिन से नौ महीने हुए हैं, लेकिन आवारा गोवंश सड़कों पर हजारों की संख्या में घूम रहा है, क्यों कि पुरानी सरकारों में अवैंध कटान होता था, जिसे अब भाजपा सरकार ने रोक दिया है।