संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स के बैनर तले विश्व मानवाधिकार दिवस के मौके पर मानवाधिकार सम्मेलन का आयोजन प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पर किया गया। इसका शुभारंभ सदर विधायक हरीशंकर माहौर ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
विधायक ने कहा कि संविधान हमें मिल-जुलकर जीवन जीने का अधिकार देता है, लेकिन हम इंसानियत को त्यागकर एक-दूसरे से घृणा करने लगते हैं, जोकि संवैधानिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण वार्ष्णेय ने कहा कि संविधान में जीने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, भोजन का अधिकार आदि अन्य अधिकार दिए गए हैं, लेकिन जो संतुष्टि कर्तव्य को करने के बाद मिलती है, उसकी कोई सीमा नहीं होती है। जिला महिला कल्याण अधिकारी मोनिका गौतम ने कहा कि महिलाओं को सशक्त और जागरूक होने की जरूरत है। सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं।
एडीएचआर के कोषाध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल ने कहा कि हम अपने कर्तव्य की पूर्ति करते चलें। अधिकार स्वयं प्राप्त हो जाएंगे। जिलाध्यक्ष सौरभ सिंघल ने कहा कि एडीएचआर के माध्यम से समाज को नई दिशा और जाग्रति लाने के लिए हम प्रयासरत हैं और आगे भी रहेंगे। अध्यक्षता करते हुए प्रेम रघु आयुर्वेदिक कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. पीपी सिंह ने कहा कि एडीएचआर द्वारा हमारे इस प्रांगण में कार्यक्रम का आयोजन कर हमें गौरवान्वित किया गया है। जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं व छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की है, वह लोग वाकई में मानवाधिकार के प्रति जागरूक हैं।
सम्मेलन में प्रियंका, मीरा, शालू, ललतेश, शिवम, संध्या, ऋषभ, पूनम ,कविता, दिव्या, दुर्गेश, यति आदि बच्चों ने स्पीच, गायन और एक्ट के माध्यम से मानव अधिकारों की विस्तृत व्याख्या की। संचालन संजीव वार्ष्णेय ने किया। इस मौके पर सुनीत आर्य, शैलेंद्र सांवलिया, अमित गर्ग, आशीष वार्ष्णेय, राजेश वार्ष्णेय, मुरारीलाल, अजय गुप्ता, उपदेश कौशिक, सिल्की, प्रवीण, नीरज, धर्म, प्रिया, संध्या, गीतम, कौशलेंद्र आदि का सहयोग रहा।