कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही। स्थिति को अनियंत्रित होने से बचाने के लिए पुलिस ने सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गेस्ट हाउस के भीतर ही नजरबंद कर दिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए बवाल के विरोध में 21 जुलाई रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया। हालांकि समय रहते सूचना मिलते ही हरकत में आई हाथरस पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
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कांग्रेसी कार्यकर्ता आगरा रोड स्थित राधा कृपा भवन गेस्ट हाउस में एकत्र हुए थे और वहां से बाहर निकलकर पुतला दहन करने की तैयारी में थे। जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी, भारी पुलिस बल ने गेस्ट हाउस के मुख्य द्वार पर ही घेराबंदी कर दी और कार्यकर्ताओं को बाहर निकलने से रोक दिया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही। स्थिति को अनियंत्रित होने से बचाने के लिए पुलिस ने सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गेस्ट हाउस के भीतर ही नजरबंद कर दिया। कांग्रेस नेता चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज सरकार की तानाशाही है। लोकतांत्रिक देश में युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का यह दमनकारी रवैया किसी भी कीमत पर चलने नहीं दिया जाएगा।
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घटना के दौरान गेस्ट हाउस के अंदर और बाहर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे। पुलिस की मुस्तैदी के कारण कार्यकर्ता बाहर नहीं आ सके, लेकिन मंगलवार देर रात तक मौके पर गहमागहमी और तनावपूर्ण शांति की स्थिति बनी रही।