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हाथरस: दो सड़कों तक सिमटा विकास, जर्जर रास्तों से गुजरकर दाऊजी महाराज मेला जा रहे श्रद्धालु

Sun, 20 Sep 2026 04:49 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस में चूना वाला डंडा से चामड़ गेट, जामा मस्जिद से किला गेट और अक्रूर चौक से नयागंज तक की सड़कें अब भी जर्जर हैं, आगरा रोड से चूना वाला डंडा मार्ग पर अधूरी पुलिया के कारण 10 दिन से वाहन आवागमन ठप है। 
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चूनावाला डंडा व सादाबाद गेट चौराहे से मेला जाने वाले जर्जर रास्ता - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मेला श्रीदाऊजी महाराज से पहले हाथरस शहर की सड़कों का विकास सिर्फ दो सड़कों तक सिमटकर रह गया। नगर पालिका प्रशासन ने मेला मार्ग की छह प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर निकाले गए थे, लेकिन मेला शुरू होने तक केवल दो सड़कों का ही निर्माण पूरा हो सका। बाकी मार्गों पर श्रद्धालु और वाहन अब भी गड्ढों व उबड़-खाबड़ रास्तों से जूझते हुए मेला पहुंच रहे हैं।

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शहर के सबसे व्यस्त मेला मार्गों में शामिल चूना वाला डंडा से चामड़ गेट, जामा मस्जिद चौराहे से किला गेट और अक्रूर चौक से नयागंज तक की सड़कें अभी भी जर्जर हैं। इनमें से चूना वाला डंडा–चामड़ गेट मार्ग का निर्माण मेला शुरू होने के बाद शुरू किया गया, जिससे आने-जाने वालों को और अधिक दिक्कत उठानी पड़ रही है।

आगरा रोड से चूना वाला डंडा तक बनाई गई नई सड़क पर पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अधूरी पुलिया के कारण वाहनों का आवागमन करीब 10 दिन से ठप है और पैदल श्रद्धालुओं को भी सावधानी बरतनी पड़ रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह का कहना है कि सड़कों का निर्माण अभी भी जारी है। मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए कार्य बीच में रोक दिया गया था।

मेले में रोज हजारों लोग आ रहे हैं, लेकिन मुख्य रास्तों की हालत देखकर लगता ही नहीं कि पहले से तैयारी की गई थी। सड़क की एक पुलिया अभी तैयार हुई है, जबकि दूसरी अभी अधूरी है। मेला जाने वाले वाहनों को दूसरा रास्ता पकड़ना पड़ रहा है।-ऋषभ कुमार, स्थानीय निवासी।

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चामड़ गेट के रास्ते पर सड़क निर्माण मेला शुरू होने के बाद हो रहा है। धूल, मलबे और जाम के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। यह निर्माण कार्य पहले ही शुरू किया जाना था।-अरविंद कुमार, स्थानीय राहगीर।

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