शहरी क्षेत्र में पथ प्रकाश व्यवस्था भी राम भरोसे नजर आई। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, तो कहीं लाइटें लगी ही नहीं हैं। ऐसे में घने कोहरे के साथ अंधेरे ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। वाहन चालक धीमी गति से और अनुमान के आधार पर वाहन चलाने के लिए मजबूर हैं।
संकेतक बता रहा गलत दिशा
शहर के मथुरा रोड पर हतीसा के निकट ओवरब्रिज पर डायवर्जन के लिए लगाए गए संकेतकों का हाल बुरा है। एक संकेतक वाहन चालकों को दिशा ही गलत बता रहा है। संकेतक के किसी कारण से तिरछे हो जाने के बाद इसे सही करने वाला भी कोई नहीं है।
नवनिर्मित मथुरा-बरेली हाईवे भी कोहरे के दौरान पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। यहां हाल ही में बनाईं गईं सफेद पट्टियां चमक रही हैं, लेकिन इन पर लगे लाइट ब्लिंकर नहीं जल रहे। हाईवे पर बने कट के अलावा सर्विस रोड पर रिफ्लेक्टर व संकेतक की कमी दिखाई दी।
ये है स्थिति
- अलीगढ़-आगरा हाईवे के शहरी क्षेत्र में ही सफेद पट्टियां धुंधली, ब्लिंकर गायब
- मथुरा-बरेली हाईवे पर डिवाइडर, नहर की पुलिया और मोड़ों पर नहीं लगे रिफ्लेक्टर
- शहरी क्षेत्र में कई जगह बंद हैं स्ट्रीट लाइटें, रात के अंधेरे में कुछ भी दिखाई नहीं देता
- घने कोहरे में वाहन चालकों के लिए बढ़ा हादसों का खतरा, नहीं हो रहे ठोस उपाय