संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतें सुनते अधिकारी। संवाद
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तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में दबंगई और पुलिस की निष्क्रियता की शिकायतें गूंजीं। मंडलायुक्त संगीता सिंह के समक्ष कुल 93 शिकायतें आईं, जिनमें से 16 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
भूमि कब्जा, मारपीट, पुलिस की कथित निष्क्रियता और जान-माल की सुरक्षा से जुड़े मामलों ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
गांव बिर्रा की केला देवी ने पैतृक भूमि पर कथित अवैध कब्जे और धमकी की शिकायत दर्ज कराई। मंडलायुक्त ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, विधु नगला निवासी अंशु और उनकी मां शशि देवी ने पति की हत्या के आरोपियों द्वारा दोबारा मारपीट किए जाने तथा पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की शिकायत की। उन्होंने परिवार की सुरक्षा की मांग भी उठाई।
बनारसी नगला प्रहलाद निवासी अंजली देवी और उनके पति साहूकार ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने घर में घुसकर उनकी आठ माह की गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट की और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। मंडलायुक्त ने सभी मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान एसडीएम नीरज शर्मा, सीओ हिमांशु माथुर, तहसीलदार रजत कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। संवाद