आशा ने एंबुलेंस को बुला लिया और अंजू को प्रसव के लिए मुरसान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गई, लेकिन सीएचसी पर उसे एंबुलेंस से नहीं उतारा गया और उसी एंबुलेंस को मुरसान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करील ले गए। वहां प्रसव से पहले ही पेट में उसके बच्चे की मौत हो गई।
मुरसान क्षेत्र के गांव अहरई निवासी एक महिला के ससुर ने आरोप लगाया है कि प्रसव के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ता की लापरवाही से उनकी पुत्रवधू के मृत बच्चा पैदा हुआ। उन्होंने कोतवाली में इसकी शिकायत की है।
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गांव निवासी खजान सिंह का कहना है कि उनके पुत्र हरदौल की पत्नी अंजू गर्भवती थी। उसे चार नवंबर की दोपहर को प्रसव पीड़ा हुई थी। जब परिजनों ने यह बात गांव की आशा महेंद्री को बताई तो उसने एंबुलेंस को बुला लिया और अंजू को प्रसव के लिए मुरसान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गई, लेकिन सीएचसी पर उसे एंबुलेंस से नहीं उतारा गया और उसी एंबुलेंस को मुरसान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करील ले गए।
वहां एक आशा कार्यकर्ता व एएनएम ने प्रसव करने के लिए उनसे जबर्दस्ती की, जिससे जिससे प्रसव से पहले ही पेट में उसके बच्चे की मौत हो गई। खजान सिंह ने अपने नाती की मौत के लिए एएनएम व आशा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी सीएमओ डॉ. राजीव राय का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, जांच कराई जाएगी।