डीएम ने एडीएम, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र को निर्देश दिए हैं कि विनियमित क्षेत्र में कितनी कालोनियों के नक्शे पास हैं और कितने नक्शे पास होने के लिए प्रक्रिया में हैं, संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। वहीं जिन कॉलोनियों ने नक्शा पास किए हैं, उनका ब्यौरा भी उपलब्ध कराया जाए।
विनियमित क्षेत्र हाथरस में अनेक नवीन कालोनियां नियम विरुद्ध तरीके से विकसित हो रही हैं, जिसके लिए कालोनाइजर्स द्वारा किसी भी सक्षम स्तर से कोई भी अनुमति नहीं ली जा रही है, जिससे राजस्व की काफी हानि हो रही है। इसे लेकर डीएम अर्चना वर्मा ने निर्देश जारी किए हैं।
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डीएम ने एडीएम, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र को निर्देश दिए हैं कि विनियमित क्षेत्र में कितनी कालोनियों के नक्शे पास हैं और कितने नक्शे पास होने के लिए प्रक्रिया में हैं, संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। वहीं जिन कॉलोनियों ने नक्शा पास किए हैं, उनका ब्यौरा भी उपलब्ध कराया जाए।
डीएम ने कहा कि महायोजना के अन्तर्गत प्रस्तावित सार्वजनिक भूमि एवं अन्य प्रयोजनों हेतु आरक्षित भूमि के दुरुपयोग की सम्भावना भी प्रबल बनी हुई है। उक्त कॉलोनियों के स्वामियों द्वारा अनाधिकृत रूप से कॉलोनी बना दी जाती हैं। कॉलोनियों में कोई सुविधा भी नहीं दी जाती है, जिससे आए दिन नगर के व्यक्तियों द्वारा नाली, सड़क, जलभराव जैसी अनेक समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिसके कारण जनसामान्य को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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डीएम ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति बिना नक्शा पास किए हुए अथवा अवैध कालोनी में प्लॉट क्रय न करें। जो कालोनी नियमानुसार एवं विधिवत रूप से विकसित की जा रही हों, उसमें ही प्लॉट क्रय करें।