30 दिसंबर को सुबह से ठंड से लोगों का हाल-बेहाल होने लगे। सर्द हवाओं से लोगों की हालत खराब हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल गए। सुबह टहलने निकले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सर्द हवाओं से ठंड के तेवर तल्ख हो गए हैं। 30 दिसंबर को सुबह से ही लोग ठंड से ठिठुरते रहे। सुबह से ही लोग अलाव और हीटरों के सहारे ठंड से निजात पाने की कोशिश करते नजर आए। शाम ढलने से पहले ही शहर के बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
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30 दिसंबर को सुबह से ठंड से लोगों का हाल-बेहाल होने लगे। सर्द हवाओं से लोगों की हालत खराब हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल गए। सुबह टहलने निकले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ठिठुरन से राहत पाने के लिए लोगों हीटर व अलाव पर हाथ तापते हुए नजर आए। ठिठुरन इतनी थी कि पल भर के लिए भी इनके पास से हटना मुश्किल हो रहा था।
बिस्तर छोड़ते ही लोग सिर से लेकर पांव तक गर्म कपड़ों में लिपटे रहे, फिर भी ठिठुरन पीछा नहीं छोड़ रही थी। 30 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री व अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम को मौसम में नमी और बढ़ गई। शाम ढलने से पहले ही बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही थम गई। दुकानदार भी दुकानें बंद करके जल्दी घर चले गए, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसर गया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और चौराहों पर लोग कूड़ा-करकट इकट्ठा कर आग जलाकर अलाव तापते नजर आए।