ठंड बढ़ने के साथ ही खांसी, जुकाम, गले में खराश के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। निजी व सरकारी अस्पतालों में इस रोग से बीमार पहुंचने लगे हैं। बागला जिला अस्पताल में प्रतिदिन खांसी जुकाम के करीब 450 मरीज पहुंच रहे हैं। इधर, मासूम भी निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
ठंड में घरों से लोगांे का निकलना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बच्चे व बुजुर्ग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मौसम में हो रहे परिवर्तन में लापरवाही बरतने से बीमारी उनपर हाबी हो रही है। सर्दी में जकड़न की वजह से बच्चों और बुजुर्गों की सांस भी फूल रही है। खांसी के साथ कफ आ रहा है। बार-बार खांसने से मरीज परेशान हो रहे हैं। खांसी को ठीक होने मं एक हफ्ते से अधिक का समय लग रहा हैै। चिकित्सकों का मानना है कि यह बीमारियां साफ-सफाई पर ध्यान न देने, बिना सुरक्षा खांसने, छींकने, श्वस्नतंत्र को संक्रमित करने वाले वायरस के प्रसार से फैल रही हैं। जिला अस्पताल की न्यू बोर्न केयर यूनिट में भी बडी संख्या में निमोनिया से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। चिकित्सक लगातार लोगों के ठंड के मौसम से बचाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
सीएमएस सूर्य प्रकाश ने बताया कि इस मौसम में शरीर का तापमान बनाए रखने की जरूरत होती है। ठंड के मौसम में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। इसे बैक्टीरियल इंफेक्शन भी कह सकते हैं। इसकी वजह से अन्य दूसरी बीमारियां भी हो सकती हैं।
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यह करें बचाव
- शरीर में पानी की मात्रा कम न करें और गुनगुना पानी पीएं, गर्म कपड़े पहनें।
- ताजा भोजन करें, खंासते या छींकते वक्त मंुह व नाक ढकें।
- पर्याप्त नींद लें और सतुलित आहार करें।
- प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। सब्जियों फल फल अधिक खाएं।
यह न करें-
- बाहरी तली चीजों के सेवन सेवन से बचें।
- ठंडी चीजें न खाएं, बाहर से आने के बाद एकदम पानी न पीएं।
- बाहर से आने के बाद एकदम से अलाव न सेकें।
- एक दम से ठंड में बाहर न निकलें।
पर्चा दिखाता विनोद।
पर्चा दिखाता विनोद।
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