लाइसेंस निरस्तीकरण के बाद कोचिंग सेंटर के बाहर खड़े युवक।
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हाथरस। कोचिंग सेंटरों के लाइसेंस निरस्त होने के बाद पूरे दिन कोचिंग सेंटर संचालकों में खलबली मची रही। कई कोचिंग सेंटरों पर ताले लटके रहे और यहां पढ़ाई करने आने वाले विद्यार्थी भटकते रहे। हालांकि कुछ कोचिंग सेंटरों ने चोरी छिपे अपने यहां क्लासेस चलाईं, लेकिन उन्हें भी छापामारी का डर सताता रहा।
उल्लेखनीय है कि गुजरात के सूरत में कोंचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद कोचिंग सेंटरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने जिलेभर के कोचिंग सेंटरों पर आग बुझाने की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी की थी, जिसमें जिले भर के एक भी कोचिंग सेंटर पर अग्निशमन के इंतजाम नहीं पाए गए थे।
निरीक्षण में जिलेभर में पंजीकृत 36 कोचिंग सेंटर मानकों के विपरीत संचालित होते हुए मिले, जिस पर अग्निशमन अधिकारी ने कोचिंग सेंटरों की सूची डीआईओएस को दी थी और फिर डीआईओएस ने सभी कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण को निरस्त करने की कार्रवाई की। निर्देश दिए कि मानक को पूरा करने वाले ही कोचिंग सेंटर का संचालन कर सकेंगे। इस कार्रवाई के दूसरे दिन बुधवार को ज्यादातर कोचिंग सेंटर बंद रहे।
इसके कारण पूरे दिन विद्यार्थी इधर-उधर भटकते रहे। यहां पर कई कोचिंग सेंटर संचालक डीआईओएस दफ्तर भी पहुंचे। कुछ ने विभागीय लोगों पर अपना रौब झाड़ने की कोशिश भी की, लेकिन एक कोचिंग सेंटर संचालक का कोई भी फॉर्मूला काम नहीं आया। डीआईओएस सुनील कुमार ने बताया कि सभी कोचिंग सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। अब मानक पूरे करने वालों के लिए लाइसेंस जारी हो सकेंगे। इसके लिए चार सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया है।