वसुंधरा कॉलोनी स्थित नगर पालिकाध्यक्ष के आवास पर सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष व सभासद के बीच नोकझोंक हो गई। एक सफाई कर्मचारी को हटाने को लेकर अच्छा-खासा हंगामा हो गया। सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ने सभासद के खिलाफ जातिसूचक शब्द कहने व गोली मारने की धमकी देने की तहरीर कोतवाली सदर में दे दी है।
लंबे समय से सभासदों व सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को पालिकाध्यक्ष के आवास पर सभासदों व सफाई कर्मचारियों में नोकझोंक हो गई। हंगामे ने तूल पकड़ लिया। मामला कुछ यूं रहा कि बृहस्पतिवार की दोपहर को सफाई कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी के आवास पर मौजूद थे।
इस दौरान करीब 14 सभासद वहां पहुंच गए। सभासदों ने यूनियन अध्यक्ष पर इगलास अड्डा क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मचारी को हटाने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों में पूर्व सांसद के सामने ही कहासुनी शुरू हो गई। हंगामे ने तूल पकड़ लिया। दोनों ही पक्ष अपनी अपनी शिकायतें दर्ज कराने लगे। मामले को तूल पकड़ता देख पूर्व सांसद राजेश दिवाकर ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
इस मामले में यूनियन अध्यक्ष उमेश चंचल ने कोतवाली सदर में तहरीर देते हुए कहा है कि वह सफाई कर्मचारियों के कार्य से चेयरमैन के आवास पर गए थे। इस दौरान सभासद सुंदरम शर्मा आए और उन्हें गाली देने लगे। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने लगे। जब उन्होंने मना किया तो गोली मारने की धमकी देने लगे। उन्होंने कहा है कि उन्हें सभासद से जान का खतरा है। इस मामले में कोतवाली सदर में तहरीर दे दी है। इधर, सभासद ने इस मामले की शिकायत डीएम से करने की निर्णय लिया है। सभासद शुक्रवार को डीएम से मिलकर पूरे प्रकरण से अवगत कराएंगे।
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हम 14 सभासद डीएम के यहां गए हुए थे। वहां से लौटकर सीधे चैयरमेन के आवास पर आए। वहां पर सफाई कर्मचारी यूनियन का अध्यक्ष बैठा हुआ मिला था। वार्ड नंबर 21 से सफाई कर्मचारी को हटा दिया गया था। इसकी शिकायत हमने चैयरमेन पति पूर्व सांसद से की थी। इस दौरान सफाईकर्मी द्वारा हमसे अभद्रता की गई। मामले ने तूल पकड़ लिया। उसने कुछ लड़के एकत्रित किए, फिर हमने भी अपने कुछ लोगों को बुलाया, फिर वह वहां से भाग गए।
सत्यम शर्मा, सभासद, वार्ड नंबर 25।
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सफाई कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष व सभासद में किसी सफाईकर्मी को हटाने को बहस हुई थी। बाद में मामला शांत हो गया था। सभासद भी सफाईकर्मी हटाने को लेकर शिकायत कर रहे थे। इस शिकायत को सुना गया है।
राजेश दिवाकर, पूर्व सांसद।