अलीगढ़ रोड स्थित नवीन कृषि मंडी समिति के सामने सोमवार को धान लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण भीषण जाम लग गया। सुबह पांच बजे से लगा जाम दिनभर बना रहा, जिससे स्कूली बच्चों, अभिभावकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बच्चे आधा से एक घंटे की देरी से स्कूल पहुंच सके।
कंबाइन मशीन से कटाई के कारण खेतों से एक बार में भारी मात्रा में धान निकल रहा है। इसके साथ ही मंडियों में रोजाना गिरते दामों के डर से किसान जल्द से जल्द अपनी फसल बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। स्थिति यह रही कि कई किसान रविवार रात नौ बजे से ही ट्रैक्टर लेकर लाइन में खड़े हो गए थे, जिन्हें सोमवार सुबह 4 बजे मंडी में प्रवेश मिल सका।
वहीं सुबह चार बजे पहुंचे किसान सुबह 10 बजे तक सड़क पर ही जाम में फंसे रहे। मंडी परिसर में ट्रैक्टर खड़े करने की पर्याप्त जगह न होने के कारण व्यापारियों को भी तौल और खरीद में असुविधा का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसे स्कूली वाहन, गलियों में दौड़ीं गाड़ियां
अलीगढ़ रोड पर स्थित पांच प्रमुख स्कूलों के वाहन और वैन सुबह से ही जाम में फंस गए। सुबह छह बजे घर से निकले बच्चे आठ बजे तक भी स्कूल नहीं पहुंच सके। घंटों जाम में फंसने के बाद कई बच्चे बसों से उतरकर पैदल जाम पार करने पर मजबूर हुए और आगे से ई-रिक्शा लेकर स्कूल पहुंचे। अभिभावकों ने इंडस्ट्रियल एरिया, विनोद विहार कॉलोनी और रावत नगर के आंतरिक रास्तों से होकर बच्चों को स्कूल पहुंचाया। दिनभर तंग गलियों में ई-रिक्शा, दोपहिया वाहन और स्कूल वैन दौड़ती नजर आईं।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं पड़ीं पस्त
सड़क पर जाम खुलवाने के लिए दो यातायात सिपाही और दो सिविल पुलिसकर्मी मशक्कत करते दिखे, लेकिन ट्रैक्टरों की कतारें इतनी लंबी थीं कि उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। मंडी के अंदर भी ट्रैक्टरों को सुव्यवस्थित तरीके से लगवाने की कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आई। मंडी के चुनिंदा सुरक्षा गार्ड व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हुए।
तीन दिन में 400 रुपये तक गिरे धान के भाव
आवक अचानक बढ़ने से मंडी में धान के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सोमवार को मंडी में 60 हजार क्विंटल धान पहुंचा, जबकि शुक्रवार तक यही आवक 15 से 20 हजार कुंतल थी। जाम के चलते कई किसान तो बाहर से ही वापस हो गए।
हाथ से कटा 1509 धान :
शुक्रवार तक जो धान 4450 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, शनिवार को आवक बढ़ते ही उसके भाव में 200 रुपये क्विंटल की गिरावट आई और सोमवार को यह गिरकर 4000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया।
कंबाइन मशीन से कटा धान :
कंबाइन से कटे धान के भाव गिरकर 4200 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।
व्यापारी प्रवीन वार्ष्णेय के अनुसार मशीन से काटे गए धान में नमी और हरा दाना ज्यादा रहता है, जिससे इसका रेट कम मिलता है। वहीं हाथ से काटकर पीटा गया धान पूरी तरह सूखा होने के कारण उच्च गुणवत्ता का माना जाता है और उसकी कीमत अधिक मिलती है।
जाम की समस्या को देखते हुए यातायात पुलिस कर्मियों को लगाया गया था। मंडी में अचानक आवक बढ़ने के कारण जाम के हालात बने। यातायात पुलिस को स्थिति संभालने के लिए निर्देशित यिका गया है। मंगलवार से प्रयास रहेगा कि जाम न लगे और ट्रैक्टर एक लाइन में रहें।
-दुष्यंत कुमार, सीओ ट्रैफिक
कंबाइन हार्वेस्टर से कटाई के कारण अचानक धान की आवक में तेजी आई है। फसल बेचने में किसानों को समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मंडी में जाम न लगे, इसके लिए कर्मचारी लगाए गए हैं।
-अनिल कुमार, मंडी सचिव