शासन के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने सोमवार को ब्लाक वाइज चार चार गांव की खाक छानी। इन गांव में 10 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनाए गए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का भौतिक सत्यापन किया गया।
बता दें कि 10 सितंबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर महौ सीएचसी के गांव वाहनपुर के कृषक कन्या इंटर कॉलेज में 25 से अधिक छात्र-छात्राओं की तबियत बिगड़ गई थी। इससे चेते उच्चाधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को सत्यापन करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद अधिकारियों ने गांव गांव जाकर एलबेंडाजोल की गोली किस तरीके से खिलाई गई, स्कूलों में बच्चों को गोली शिक्षकों के माध्यम से खिलाई गई या नहीं, शिक्षकों को गोली खिलाने का प्रशिक्षण प्राप्त था या नहीं और एलबेंडाजोल की गोली को छात्र-छात्राओं द्वारा चबाकर खाया गया था या नहीं, आदि बिंदुओं पर भौतिक सत्यापन किया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने सासनी क्षेत्र के गांव टिकारी, हसायन क्षेत्र के गांव नारई, सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव पिपलगंवा, बिरावर और वाहनपुर में सर्वे किया। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने सादाबाद के गांव मंस्या, तसींगा, गुरसौटी और पट्टी बहारन का सर्वे किया।
एसीएमओ डॉ. आरके गुप्ता ने महौ सीएचसी के गांव नगला केशों, तिपरस, गंगचोली और परसारा का सर्वेे किया। एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल द्वारा मुरसान के गांव दयालपुर, नगला रजुआ, खेड़ा परसौली और जारऊ में सर्वे किया गया। जिला समन्वयक प्रबल प्रताप सिंह ने सासनी के गांव गदाखेड़ा, बसगोई, खेरियाकंला, फुलरई मोहनगढ़ी गांव का सर्वे किया। सीएमओ ने बताया कि सर्वे में कोई शिकायत नहीं मिली। गोली खाने वाले बच्चे भी स्वस्थ थे। रिपोर्ट को शासन को भेजी जाएगी।