लगभग दो साल पहले एक जनपद एक उत्पाद योजना में हींग के साथ रेडीमेड गारमेंट्स को भी शामिल किया गया था। तब से इस कारोबार को पंख लग रहे हैं। पिछले दो सालों में योजना में 20 इकाई की स्थापना हो चुकी हैं। सरकार ने अनुदान पर ऋण उपलब्ध कराया गया है। तांकि कारोबार देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सके।
हाथरस का रेडीमेड गारमेंट्स कारोबार ने विशेष कुछ ऑयटम में अपनी पहचान बनाई है। जिस तरह सरकार इस कारोबार को प्रोत्साहन दे रही है। उससे बच्चों के साथ ही कोट पेंट आदि अन्य में भी कारोबार आगे बढ़ रहा है। दिल्ली के बाजार में हाथरस के उत्पादनों की बड़ी मांग है। -रोबिन अग्रवाल, संचालक, एसएस गारमेंट्स।
दिल्ली का थोक कपड़ा बाजार पूरे देश में आपूर्ति देता है। इसमें हाथरस के उत्पादों की अपनी अलग पहचान है। बच्चों की फ्राक सहित तमाम ड्रेस के नए-नए डिजायन हाथरस में बनाए जाते हैं, जो यूनीक होते हैं। जिनकी मांग व आपूर्ति दिल्ली सहित 300 किमी के दायरे में होती है। -ब्रजेश पोद्वार, संचालक, न्यू पोद्वार गारमेंट्स।