कोतवाली क्षेत्र के गांव इटरनी में घर के अंदर सो रहे बालक कपिल कुमार (12) को जहरीले कीड़े ने काट लिए। उपचार के लिए ले जाने के दौरान बालक की मौत हो गई। सर्पदंश की आशंका पर परिजनों ने अंधविश्वास का सहारा लेकर बायगीरों को भी बुलाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
गांव निवासी नरेंद्र कुमार का पुत्र कपिल कुमार चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। कपिल गांव के ही संविलियन विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। कपिल कुमार सोमवार की रात्रि 10 बजे अपने घर पर खाना खाने के बाद बेड पर सो रहा था। रात्रि में करीब ढाई बजे कपिल ने घर पर रात्रि में पानी पीया। उसके मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी। उसने इशारे से परिजनों को बताया कि गले में दर्द हो रहा है।
कपिल को लेकर परिजन एक निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे। चिकित्सक ने सुबह चार बजे से सात बजे तक उसका उपचार किया, लेकिन अचानक मुंह से झाग निकलते देख चिकित्सक ने उसका उपचार करने में असमर्थता जता दी। परिजन जब उसे दूसरी जगह उपचार के लिए लेकर जा रहे थे तो रास्ते में उसकी मौत हो गई।
कपिल के शव को लेकर परिजन गांव में पहुंचे तो घर पर भीड़ लग गई। कपिल की तर्जनी उंगली में काटने के नीले रंग के निशान दिखाई दिए। दिवाली के दिन बालक की मौत से परिवार शोक में डूब गया।