अक्रूर यात्रा मे ंसम्मिलित वार्ष्णेय वंधु।
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सिकंदराराऊ। वार्ष्णेय कुल भूषण अक्रूरजी महाराज की जयंती पर नगर में विशाल अक्रूर यात्रा निकाली गई। वार्ष्णेय चेतना रथ भी यात्रा में शामिल हो गया। जगह-जगह पुष्प पंखुड़ियों से यात्रा का स्वागत किया गया। बगिया बारहसैनी में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वार्ष्णेय समाज ने सदैव सम्पूर्ण समाज के हित के काम किये हैं।
सुबह बगिया बारहसैनी में अक्रूरजी की आरती रामश्ंाकर, सुभाष चंद्र वार्ष्णेय, शिरोमणि वार्ष्णेय ने की। इसके पश्चात गाजे-बाजे के साथ यात्रा रवाना हुई। फूलों से सज्जित बग्गीे में अक्रूर जी की धातु प्रतिमा स्थापित की गई। आगे-आगे बैंड मंगल धुन बजाता चल रहा था। मौहल्ले में आकर यात्रा का बसपा नेता बनी सिंह बघेल ने स्वागत किया। शनिवार की रात नगर के अमोलचंद्र पब्लिक स्कूल पर वार्ष्णेय चेतना रथ का भव्य स्वागत किया। सुबह नगर भ्रमण में रथ भी शामिल हो गया। पंचमुखी हनुमान मंदिर पर विजय भारत कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में किशन चाचा आदि ने यात्रा पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसा कर उसका स्वागत किया। नौरंगाबाद में रवी कुमार ने शीतल पेय से यात्रा का स्वागत किया। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होकर मौहल्ला बारहसैनी में बगिया पर आकर समाप्त हुई। विचार गोष्ठी रतन लाल चमचा हाथरसी ने काव्य पाठ किया। प्रमुख रूप से थे विपन वार्ष्णेय, केदार बावू वार्ष्णेय, उत्तम कुमार, राजकुमार रईस, गौरव वार्ष्णेय, भारत वार्ष्णेय, विशभनू वार्ष्णेय, अभितेष वार्ष्णेय, सुभाष वार्ष्णेय, नवरत्न कुंमार वार्ष्णेय, बनवारी लाल गुप्ता आदि थे।