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Hathras News: जिला अस्पताल में मिलेगी कीमोथैरेपी, जल्द बनेगा डे-केयर वार्ड

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कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें कीमोथेरेपी कराने के लिए बड़े शहरों या दूर-दराज के मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग अब बागला जिला अस्पताल में ही इन मरीजों को कीमोथेरेपी की सुविधा देने जा रहा है। अस्पताल में इसके लिए विशेष कैंसर डे केयर वार्ड की व्यवस्था इसी महीने से होने जा रही है।
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कैंसर मरीजों को मिलेगा उपचार

जिला अस्पताल में 10 बेड का कैंसर डे-केयर वार्ड स्थापित किया जाएगा। जिसमें उन मरीजों को कीमोथेरेपी व अन्य उपचार की सुविधा मिलेगी, जो कि नजदीकी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन होंगे। मेडिकल कॉलेज में उपचार के बाद की प्रक्रिया के लिए उन्हें संबंधित जिले से अटैच कर दिया जाएगा, ताकि वे भाग-दौड़ से बच सके। दूसरी व्यवस्था यह रहेगी कि यदि जिला अस्पताल की ओपीडी में कोई संदिग्ध मरीज पाया जाता है तो उसे कैंसर डे-केयर वार्ड में पंजीकृत कर एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया जाएगा। यहां से रेफर किए जाने से उसे जल्द उपचार मिल सकेगा।



समय की बचत : डे-केयर का मतलब है कि मरीज सुबह अस्पताल आकर अपनी कीमोथेरेपी की डोज ले सकेगा और स्थिति सामान्य होने पर शाम तक अपने घर लौट सकेगा। उन्हें अस्पताल में कई दिनों तक भर्ती रहने की जरूरत नहीं होगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में ट्रेनिंग पूरी

जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए चिकित्सा कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। कैंसर डे-केयर वार्ड के लिए डाॅ. प्रमोद कुमार व नर्सिंग स्टाफ ने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज से अपना तकनीकी प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। कीमो की प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए स्टाफ को दवाओं की मात्रा, उनके रखरखाव और मरीजों की मॉनिटरिंग की बारीकियां सिखाई गईं हैं।



कैंसर मरीजों का डाटा एकत्र होगा

स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक जिले के कैंसर रोगियों को कोई आंकड़ा नहीं है, जबकि दिन पर दिन इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। गैर संचारी रोग विभाग ने 100 कैंप का भी आयोजन किया था, लेकिन इसमें 10-12 मरीज ही ट्रेस हो सके थे। कैंसर डे-केयर वार्ड जिले में ऐसी पहली कड़ी होगी, जहां कैंसर मरीजों का डाटा एकत्रित हो सकेगा। पहली बार कैंसर मरीज स्वास्थ्य विभाग के रजिस्टर पर दर्ज होंगे।



जगह खाली करने का दिया नोटिस

होम्योपैथिक विभाग भी जिला अस्पताल परिसर में है। ऐसे में कैंसर वार्ड के लिए जगह बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला होम्योपैथिक अधिकारी को जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से जगह खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। होम्योपैथिक अधिकारी का कार्यालय आयुष विंग में स्थानांतरित होगा। जगह होते ही यहां पर वार्ड बनाने का काम शुरू कराया जाएगा।





मरीजों को होने वाले लाभ :

-आर्थिक राहत : बड़े शहरों में जाने, रहने और खाने-पीने का खर्च बचेगा।

-मानसिक संबल: घर के पास इलाज मिलने से मरीज-तीमारदार की भागदौड़ और तनाव कम होगा।

-समय पर इलाज : कीमाथेरेपी के चक्र छूट जाने की संभावना बेहद कम हो जाएगी।


कैंसर डे-केयर वार्ड के लिए तैयारी पूर्ण कर ली गई है। होम्योपैथिक विभाग द्वारा जगह खाली करते ही वार्ड में काम शुरू करा दिया जाएगा। इससे जिले के मरीजों को लाभ मिलेगा।
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डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।
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