साइबर टीम ने वेबसाइट बनाने वाली अमेरिक बेस्ट कंपनी से संपर्क किया और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से भी फर्जी पेट्रोल पंप कंपनी की सत्यता पता की। छानबीन में पता चला कि वेबसाइट का डोमेन छोटे राजा परिहार निवासी ग्राम गागौनी थाना सिहोर जिला शिवपुरी ने खरीदा था। उसी ने फ्राॅड कर रुपये हड़पे थे। फिलहाल छोटे राजा ग्वालियर के थाना मुरार क्षेत्र में रह रहा था।
एसपी ने बताया कि छानबीन के बाद छोटे राजा के पीछे पुलिस टीम लगी। साइबर सेल ने 26 दिसंबर को उसे ग्वालियर में कल्याण हॉस्पिटल के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में छोटे राजा ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ फर्जी जीमेल आईडी के माध्यम से फर्जी वेबसाइट बनाकर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के नाम से फर्जी पेट्रोल पंप की विज्ञप्ति निकाली थी।
उसने अनिल के अलावा कई लोगों से ठगी की गई। फर्जी सिम कार्ड व खाते साथी लाकर देते थे। वह उन्हें दस फीसदी हिस्सा देता था। साथ ही जो लोग ठगी गई रकम खाते से निकालते थे, उन्हें 20 प्रतिशत हिस्सा देता था। वह वेबसाइट का संचालन गाजियाबाद से करता था। एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।