हाथरस शहर के सनसनीखेज वेदप्रकाश उर्फ सोनू हत्याकांड में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। वेदप्रकाश की निर्मम हत्या में शामिल 17 आरोपियों के खिलाफ 430 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। प्रकरण में मुख्य आरोपियों का चालक अभी तक फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
6 अप्रैल की रात को दिल्ली वाला चौक के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर वेदप्रकाश उर्फ सोनू की हत्या की गई थी। मृतक की बहन नीतू की तहरीर पर दिल्ली वाला चौक के ही सगे भाई कमल शर्मा व गौरव शर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। नीतू का आरोप था कि दोनों उनके भाई पर मकान बेचने का दबाव बना रहे थे, जिसे लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में उनकी हत्या की गई। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो इस हत्याकांड में एक के बाद एक लोगों के नाम सामने आए। कुल 18 लोगों ने मिलकर वेदप्रकाश की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार पहले उसे गाड़ी में डालकर बीएच ऑयल मिल स्थित कमल की फैक्टरी ले जाया गया, जहां टॉर्चर किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या करने के बाद शातिर गाड़ी में शव डालकर सहपऊ के गंदे नाले में फेंक आए थे, जो कि 7 अप्रैल को ही मिल गया था। शहर कोतवाल व विवेचक सतेंद्र राघव ने बताया कि प्रकरण में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, जो कि जेल भेजे जा चुके हैं।
मुख्य आरोपियों के चालक की तलाश
कोतवाली पुलिस हत्याकांड के मुख्य आरोपी कमल व गौरव के ड्राइवर पवन निवासी गिजरौली की तलाश में जुटी है। पवन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से पहले उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक पवन घटना के समय मौजूद था तथा वही गाड़ी चलाकर शव ठिकाने लगाने ले गया था।
नाटकीय ढंग से पकड़े गए
कमल व गौरव 17 अप्रैल को दिल्ली के अशोक विहार थाना क्षेत्र में गिरफ्तार हुए थे। एक पास से विदेशी पिस्टल व एक से तमंचा बरामद किया गया था। नाटकीय ढंग से हुई इस गिरफ्तारी पर सवाल भी उठे थे। संभावना थी कि पुलिस एनकाउंटर से बचने के लिए दोनों जानबूझ कर दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।