सीएचसी में अव्यवस्थाओं पर बिफरे नोडल अफसर
मुरसान सीएचसी परिसर में गंदगी देख जताई नाराजगी
चिकित्सकों के समय से नहीं आने की भी मिली शिकायत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मुरसान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जिले के नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने निरीक्षण किया। करीब पौने दो घंटे तक संबंधित विभागीय अधिकारियों में खलबली रही। उन्होंने बिंदुवार योजना की जानकारी के साथ मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। गंदगी के अलावा अन्य कई खामियां मिलीं, जिन्हें दुरुस्त कराने के लिए डीएम व सीएमओ को निर्देशित किया। एक फार्मासिस्ट द्वारा अस्पताल में आए मरीज को दवा नहीं दिए जाने का मामला नोडल अधिकारी के समक्ष आया। उन्होंने मरीज को तत्काल दवा दिलवाई और संबंधित फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र में बनी पानी की टंकी के बारे में जानकारी ली। परिसर में पुरानी जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने, पुरानी गाड़ियों हटाने के बारे में डीएम व सीएमओ से शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में खड़ी एक एंबुलेंस के बारे में नोडल अधिकारी ने जानकारी ली तो एंबुलेंस के चालक और परिचालक के बारे मुरसान प्रभारी और सीएमओ कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
नोडल अधिकारी ने अस्पताल परिसर में बने आवासों में रह रहे लोगों को बारे में पूछताछ की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कुछ संविदा कर्मी रह रहे हैं, तो नाराजगी जाहिर की और कैंपस में नहीं रहने वाले लोगों के लिए भी रिपोर्ट मांगी है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह हो रही गंदगी और नालियों में भरी हुई कीचड़ की सफाई के लिए निर्देशित किया। नोडल अधिकारी ने अस्पताल में बने हुए चिकित्सकों के वार्ड रूम को लेकर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में मनमानी तरीके से कमरों का प्रयोग किया जा रहा है। जिस जगह इमरजेंसी रूम होना चाहिए, उस जगह इमरजेंसी वार्ड नहीं है। जिस जगह ओपीडी व डॉक्टरों के बैठने के लिए वार्ड होना चाहिए, उन जगहों पर डॉक्टर भी ठीक प्रकार से नहीं बैठे हैं। नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने एक्स-रे रूम व पैथोलॉजी में रजिस्टरों को चेक किया और मरीजों के बारे में पूछताछ की। एक्स-रे रूम व पैथोलॉजी कमरे के बाहर उनसे संबंधित बात नहीं लिखी होने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मरीजों का उपचार हमेशा लिटाकर करना चाहिए।
एक महिला ने आरोप लगाया कि यहां पर डॉक्टर समय पर नहीं आते हैं। राजेंद्र निवासी कटेला ने भी नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी को बताया कि यहां पर डॉक्टरों के द्वारा देखने व दवा लिखने के बाद भी दवा कर्मचारी दवा नहीं देते हैं और गलत व्यवहार करते हैं। शौचालय में पड़ी गंदगी को देखकर अधिकारी ने डीएम को बुलाकर गंदगी दिखाई और कार्रवाई करने की बात कही है। दिव्यांग कक्षों के बारे में जानकारी लेने पर सीएमओ व केंद्र प्रभारी चुप्पी साध गए। उन्होंने यह बात बैठक में करने की बात कही है।
जब नोडल अधिकारी अस्पताल के रसोई घर में पहुंचे तो वहां पर तैनात रसोइया उनके जवाबों को नहीं दे सकीं। रसोइया यह भी नहीं बता सकी की किस मरीज को कौन से समय कौन सा खाना दिया जाता है। मौसमी सब्जी के बारे में जब रसोइया से पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। सीएचसी प्रभारी को भी इस मामले में संज्ञान लेकर आगे से ध्यान रखने की बात कही है।
मथुरा-बरेली मार्ग के गड्ढों पर नाराजगी
हाथरस। नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी मथुरा बरेली मार्ग से होते हुए मुरसान के स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। इस मार्ग से गुजरने के दौरान काफी गड्ढे मिले। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने गड्ढों को दुरुस्त कराने के लिए डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को निर्देश दिए।