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Hathras News: पुलिस की कार्रवाई और परिजनों के साथ नहीं देने से आहत था चंद्रपाल

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पुलिस हिरासत में युवक की खुदकुशी के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद पुलिस अ​धिकारी। संवाद - फोटो : Samvad
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पुलिस हिरासत में रखे गए चंद्रपाल की मनोदशा को पुलिस कर्मी नहीं समझ सके और पुलिस से बड़ी चूक हुई। पुलिस की कार्रवाई व परिवार की बेरुखी से चंद्रपाल टूट गया था। थाने पहुंचकर उसेे पता चल गया था कि लड़की नाबालिग है और उसे जेल जाना पड़ेगा। पुलिस द्वारा धमकी भी दी गई, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
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पोस्टमार्टम हाउसे पहुंचे मृतक के भाई आकाश ने बताया कि तीन दिन पहले चंदपा पुलिस ने उनके पिता भोलाशंकर को हिरासत में ले लिया था। तीन दिन चंदपा कोतवाली पर ही रखा गया। इसके बाद ही दोनों लोनी थाने पहुंचे थे। बरामद होने के बाद पिता को छोड़ दिया गया और पुलिस युवक को थाने ले आई। चंद्रपाल की हरकत से परिवर को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस कारण परिजन नाराज थे।





पुलिस के अनुसार नाराजगी में परिवार ने यहां तक कह दिया था कि अब उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। परिवार की नाराजगी से युवक निराश था। इधर चंदपा कोतवाली आते ही नाबालिग होने के कारण लड़की वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया था।
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हाथरस आने के बाद परिवार का भी कोई सदस्य नहीं आया चंद्रपाल का हालचाल पूछने या पैरवी के लिए नहीं आया था। केवल दूर का रिश्तेदार अरुण कुमार निवासी हसायन कोतवाली पहुंचा था। 15 अप्रैल से 23 अप्रैल तक के बीच हुए घटनाक्रम ने चंद्रपाल को तोड़कर रख दिया था।





पुलिस से हुई बड़ी चूक, उठे सवाल

हिरासत में आते ही व्यक्ति की बेल्ट, जूते, पर्स, रुपये, गले में पड़ी कोई धारदार लॉकेट या बड़ी माला, पायजामा का नाड़ा आदि पुलिस जब्त कर लेती है, जिससे इस तरह की घटना न हो। चंद्रपाल के मामले में मुंशी ने उसके पास गमछा रहने दिया, जो कि बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। बाद में तर्क दिया गया कि पसीना पौंछने को यह गमछा दिया था। मृतक के दोनों पैर मुड़े हुए थे। शौचालय की ऊंचाई भी इतनी नहीं थी कि उससे फंदा लगाकर लटका जा सके। ऐसे में घटना पर सवाल उठ रहे हैं।





आनन-फानन रिश्तेदार को बुलाकर लिखवा दी रिपोर्ट

हाथरस। म़ृतक चंद्रपाल हसायन के रहने वाले अरुण कुमार के भाई के साढ़ू का भतीजा था। उन्हीं के कहने पर वह बृहस्पतिवार की रात को चंदपा कोतवाली आया था। अरुण कुमार की मां हसायन में वार्ड नंबर तीन से सभासद हैं। मामला तूल न पकड़े इसलिए पुलिस ने रात को अरुण कुमार को बुलाकर उससे तहरीर ली और एफआईआर दर्ज करा ली।

एफआईआर में किसी पर आरोप नहीं लगाए गए हैं। अरुण ने केवल घटनाक्रम का जिक्र किया है, जिसमें उसने कहा है कि वे एसएचओ से बात करने गए थे। साथ में विजय निवासी सेलमपुर हाथरस जंक्शन साथ थे। अरुण ने बताया कि उन्होंने चंद्रपाल से मिलने की बात कही थी, तो आरक्षी ने बताया कि वह शौच गया है। थोड़ी देर बाद आरक्षी ने जानकारी दी कि उसने फंदा लगा लिया है। तहरीर में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात लिखी गई है। किसी पुलिस कर्मी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। साथ ही अरुण व विजय को भी प्रकरण में गवाब बनाया गया है। संवाद




फॉरेंसिक टीम ने की छानबीन

घटना के बाद देर रात पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा भी चंदपा थाने पहुंचे। यहां फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्रित किए। साथ ही थाने की सीसीटीवी फुटेज भी संरक्षित की गई है, जो बड़ा साक्ष्य साबित होगी।
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