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Cervical Cancer: 14 से 15 वर्ष की 16,480 किशोरियों को दी जाएगी वैक्सीन, आज से प्रशिक्षण, 1 अप्रैल से ट्रायल

Thu, 12 Mar 2026 01:15 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का संक्रमण है, जो लगभग 95 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार है। यह एक यौन संचारित वायरस है। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा समाप्त न होने पर कई साल बाद यह वायरस कोशिकाओं को कैंसर में बदल सकते हैं।
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वैक्सीन प्रतीकात्मक - फोटो : istock
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विस्तार
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महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन को शामिल किया जाएगा। इसके लिए ट्रायल फेज पहली अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। जिले में 16,480 किशोरियों को यह टीके लगाए जाएंगे।

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स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम लखनऊ से आ रही है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक अप्रैल से प्रदेश में ट्रायल फेज शुरू हो रहा है, जो जून तक चलेगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ. एमआई आलम ने बताया कि नौ से 15 वर्ष की आयु में यह वैक्सीन दी जा सकती है। फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को ही वैक्सीन लगाने की सिफारिश की है। इसी उम्र में टीकाकरण सबसे अधिक प्रभावी होता है। यह भविष्य में संक्रमण के खतरे को लगभग 90 फीसदी तक कम कर देता है।

इसकी रोकथाम के लिए वैक्सीन आ चुकी है। दो महीने पहले मंडलायुक्त की पहल पर 98 किशोरियों को वैक्सीन लगाई गई थी। अब प्रदेश स्तरीय विशेष अभियान में किशोरियों को यह टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण दिया जाएगा।-डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ।

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49 स्वास्थ्य कर्मी लेंगे प्रशिक्षण
बृहस्पतिवार को आ रही टीम सीएमओ कार्यालय में एचपीवी वैक्सीन की संपूर्ण जानकारी देगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के 49 अधिकारी व कर्मचारी भाग लेंगे। इनमें सभी सीएचसी के प्रभारी, हेल्थ सुपरवाइजर व जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी शामिल होंगे। यहां प्रशिक्षण लेने के बाद ब्लॉक स्तर पर स्टॉफ नर्स व एएनएम को प्रशिक्षित किया जाएगा। डीआईओ ने बताया कि जिले में आठ कोल्ड चेन हैं, जहां वैक्सीन रखी जाती है। सात सीएचसी व जिला अस्पताल पर ही टीकाकरण का कार्य होगा।

एचपीवी संक्रमण से होता है कैंसर
सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का संक्रमण है, जो लगभग 95 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार है। यह एक यौन संचारित वायरस है। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा समाप्त न होने पर कई साल बाद यह वायरस कोशिकाओं को कैंसर में बदल सकते हैं।
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