बंद पड़ा यूपी कॉप एप। स्रोत : सोशल मीडिया
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क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के सिटीजन पोर्टल के न चलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वेबसाइट व यूपी कॉप एप खुलने में तीन दिनों से समस्या आ रही। यह समस्या सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन व मेंटेनेंस की वजह से बताई जा रही है।
सीसीटीएनएस का वर्जन 2.2 अपग्रेड किया जा रहा है। यक्ष एप पर भी काम किया जा रहा है। सीसीटीएनएस के प्रभावित होने से लोग घर बैठे मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। चरित्र सत्यापन, किरायेदार सत्यापन और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने जैसी जरूरी सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने व देखने की सुविधा भी प्रभावित है। प्रदेशभर में यह समस्या बताई जा रही है।
थानों में एफआईआर दर्ज होने में लग रहा समय
समस्या सिर्फ आम नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि थानों के दैनिक कामकाज पर भी इसका इसका असर पड़ा है। सर्वर की धीमी गति और बार-बार पोर्टल बंद होने के कारण थानों में एफआईआर दर्ज करने में सामान्य से काफी अधिक समय लग रहा है। ऑफलाइन प्रविष्टियां करने के बाद उन्हें सिस्टम में अपलोड करने के लिए पुलिसकर्मियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे फरियादियों को थानों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। डाटा सिंक होने में भी समय लग रहा है।
सोमवार तक सुधार की उम्मीद
तकनीकी टीम के अनुसार सिस्टम को अपग्रेड और मेंटेनेंस का काम तेजी से चल रहा है। माना जा रहा है कि सोमवार तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद सीसीटीएनएस और सिटीजन पोर्टल की सेवाएं पहले की तरह सामान्य रूप से शुरू हो सकेंगी। नगारिकों की सुविधा व उनकी जानकारियां और सुरक्षित रखने के लिए साॅफ्टवेयर में प्रमुख बदलाव किए जा रहे हैं।
सीसीटीएनएस व यक्ष एप के अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है। तकनीकी टीम लगी हुई हैं। एक-दो दिन में समस्या दूर होगी और इसके बाद लोगों को और बेहतर सुविधा मुहैया होगी।
-रामानंद कुशवाहा, एएसपी