हाथरस के बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में कड़ी सुरक्षा के बीच चारों अभियुक्तों की न्यायालय में पेशी हुई। सीबीआई के अधिवक्ता ने जवाबी बहस पूरी की। अब न्यायालय ने सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तिथि नियत की है। न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। बिटिया का भाई की सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच पैरवी के लिए कोर्ट में आया।
बृहस्पतिवार को चारों आरोपियों को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच अलीगढ़ जेल से कोर्ट आया गया। सीबीआई के अधिवक्ता अनुराग मोदी ने जवाबी बहस पूरी की। बिटिया पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा व स्थानीय अधिवक्ता महीपाल सिंह निमहोत्रा भी मौजूद थे। बचाव पक्ष की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर भी मौजूद थे। कोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तिथि नियत की है।
14 सितंबर 2020 को चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या का प्रयास किया गया था। युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। मामले में संदीप, रवि, रामू व लवकुश के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इस युवती की मौत से पहले ही चारों अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। मामले की विवेचना सीबीआई ने की थी और चारो अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पक्ष कोर्ट में दाखिल किया था। गिरफ्तारी के बाद से यह चारों अभियुक्त अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं। मामले की सुनवाई विेशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में चल रही है।