प्रबंधक ने अपनी ही बैंक के एक कर्मचारी के साथ मिलकर एक शिक्षक का फर्जी क्रेडिट कार्ड तैयार कर लिया। इसके बाद एक लाख रुपये की निकासी कर ली गई, जब इस बारे में शाखा प्रबंधक से जानकारी की लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
शिक्षक के नाम का फर्जी क्रेडिट कार्ड बनाकर एक लाख रुपये से अधिक की निकासी कर ली गई। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली सदर में निजी बैंक के प्रबंधक सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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कोतवाली सदर के गांव अहियापुर कला के रहने वाले हेमेन्द्र प्रताप सिंह पुत्र नारायण प्रसाद पिप्पल प्रधानाध्यापक हैं। उन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि चंदपा के गांव मीतई में एक निजी बैंक शाखा है, जिसके प्रबंधक ने अपनी ही बैंक के एक कर्मचारी के साथ मिलकर उसका फर्जी क्रेडिट कार्ड तैयार कर लिया। इसके बाद एक लाख रुपये की निकासी कर ली गई, जब उसे इस मामले की जानकारी हुई तो उसने शाखा प्रबंधक से जानकारी की लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
पीड़ित ने इसके बाद 14 अगस्त 2024 को बैंक के आगरा स्थित मुख्यालय पर संपर्क किया तो बैंक अधिकारियों ने मामले का समाधान कराने का आश्वासन दिया लेकिन बैंक ने समस्या हल करने की जगह उसकी ई-मेल आईडी पर मामले को निपटाने के लिए 46000 रुपये की धनराशि जमा कराने का दबाव बनाया, जबकि उसने कोई क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कराया है। काफी चक्कर लगाने के बाद बैंक प्रबंधक ने एक अन्य व्यक्ति का नाम लिया, जिसने एक लाख रुपये की निकासी की है।
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न्यायालय ने मामले में थाना सदर पुलिस को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक, एक बैंककर्मी, जिसका नाम नहीं पता और सुधीर कुमार पुत्र श्यामवीर सिंह निवासी मीतई, थाना चंदपा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा कायम कर लिया है।