गेटमैन सूरज का कहना है कि वह केबिन में थे, इसी बीच कोई गाड़ी को ट्रैक पर खड़ा कर भाग गया। फाटक लगाने के बाद के उसने केबिन से बाहर निकलकर देखा कि गाड़ी ट्रैक पर खड़ी हुई है। उसने ट्रेन चालक को लाल बत्ती भी दिखाई, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेन होने के कारण रुक नहीं पाई।
गमी से लौट रहे रतनलाल और उनकी पत्नी के साथ 24 मई रात मुरसान कस्बे के ही कुछ लोगों ने मारपीट की और आपसी रंजिश में रेल यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। आरोपी उनकी कार छीनकर ले गए और उसे रेलवे ट्रैक पर खड़ा कर दिया। इस दौरान मथुरा की ओर से आगरा फोर्ट-रामनगर एक्सप्रेस वहां पहुंची गई और करीब 200 मीटर कार को रौंदती हुई रेलवे स्टेशन तक ले गई। घटना की सूचना पर थाना पुलिस के अलावा जीआरपी और आरपीएफ भी मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे बाद ट्रेन के इंजन में फंसी कार को हटवाकर ट्रेन को रवाना किया गया।
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रतनलाल के पुत्र शिवम ने बताया कि आरोपियों ने 15 दिन पहले भी उनके परिवार के साथ मारपीट की थी। 24 मई को उनके पिता और मां कार से जट्टारी में एक गमी में गए थे और रातकरीब साढ़े 11 बजे वहां से लौट रहे थे। दूसरे पक्ष के लोगों ने कार रुकवा ली और उनके साथ मारपीट की। उनसे कार भी छीनकर ले गए और मुरसान से पहले स्थित रेलवे फाटक पर उसे ट्रैक के बीच खड़ा कर दिया। यात्रियों ने बताया कि अचानक तेज धमाका हुआ और ट्रेन धीरे-धीरे स्टेशन पर जाकर रुकी तो देखा कि ट्रेन के आगे कार फंसी थी और उसके परखच्चे उड़ गए थे।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस ने कार को हटाकर दो ट्रैक के बीच के रिक्त स्थान पर पलट दिया। गेटमैन सूरज का कहना है कि वह केबिन में थे, इसी बीच कोई गाड़ी को ट्रैक पर खड़ा कर भाग गया। फाटक लगाने के बाद के उसने केबिन से बाहर निकलकर देखा कि गाड़ी ट्रैक पर खड़ी हुई है। उसने ट्रेन चालक को लाल बत्ती भी दिखाई, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेन होने के कारण रुक नहीं पाई। मौके पर पहुंचे जीआरपी के दरोगा सुयश सिंह ने बताया कि अभी पहले ट्रेन को रवाना किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।