संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
पंचायत चुनाव के लिए मतदान होने में अब महज सात दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में संघर्ष में शामिल प्रत्याशियों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न भी आवंटित हो गए हैं। ऐसे में प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर जाकर मतदाताओं को एक-एक वोट की अहमियत समझा रहे हैं ओर उनसे अपने पक्ष में मतदान करने का वादा ले रहे हैं।
प्रत्याशियों को यह भी मालूम है कि इस चुनाव में एक-एक वोट कीमती है और छोटा सा आंकड़ा भी उनका गणित बिगाड़ सकता है, इसलिए प्रत्याशी कहीं जातिगत समीकरण फिट कर रहे हैं तो कहीं नाते-
रिश्तेदारियों का हवाला दे रहे हैं। एक-एक वोट पाने के लिए अपना पसीना बहा रहे हैं।
जिले में पंचायत चुनाव के लिए पहले चरण में 15 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे में प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए महज सात दिनों का समय बचा है। अब प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न भी आवंटित हो चुके हैं और मुकाबले की तस्वीर भी साफ हो गई है। लिहाजा प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
जीतने के लिए टक्कर में सभी दमदार प्रत्याशी हर फार्मूले का इस्तेमाल कर रहे हैं। पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए वोट डाले जाएंगे। ऐसे में सभी प्रत्याशियों को यह भी मालूम है कि एक-एक वोट उनके लिए काफी कीमती है, इसलिए प्रत्याशी किसी से नातेदारी निकाल रहे हैं तो किसी को अरसे पुरानी जान पहचान का हवाला दे रहे हैं। जातिगण समीकरण भी फिट कर रहे हैं और अपने-अपने हिसाब से यह आंकलन लगा रहे हैं कि किस बिरादरी का कितना वोट उन्हें मिल जाएगा।
‘वोट डालने आ जाएं, किराये-भाड़े की चिंता न करें’
ग्रामीण अंचल के काफी लोग बाहर नौकरी करते हैं या रहते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को अब उनकी भी याद आ रही है। वह उनके परिजनों से जाकर उनका पता पूछ रहे हैं और खुद भी उनसे फोन पर संपर्क कर रहे है। उम्मीदवार उनसे संपर्क पर उनसे मतदान के लिए आने के लिए कह रहे हैं। इतना ही नहीं इशारों-इशारों में यह भी कह रहे हैं कि यदि आने-जाने में कहीं कोई खर्चा भी होगा तो वे चिंता न करें। इसका हिसाब-किताब वह कर देंगे।
सोशल मीडिया पर भी धुआंधार प्रचार
सभी प्रत्याशी सोशल मीडिया पर भी अपना धुआंधार प्रचार कर रहे है। व्हाट्स एप और फेसबुक के माध्यम से लोगों से वोट देने की अपील कर रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से ही चुनाव कार्यालय के उद्घाटन, जनसंपर्क और सभाओं की कवरेज भी लोगों तक पहुंचा रहे हैं।