इस बार कच्चे माल, रंग और सजावटी सामग्री के दाम बढ़ने से मूर्तियों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष करीब 300 रुपये में मिलने वाली प्लास्टर और पेरिस की बोरी अब करीब 340 रुपये में मिल रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में गणपति बप्पा की मूर्तियों को घर लाने के लिए खासा उत्साह है।
गणेश चतुर्थी में अब महज एक दिन शेष है। ऐसे में हाथरस शहर के बाजारों में भगवान गणेश की मूर्तियों की खरीदारी तेज हो गई है। कमला बाजार सहित शहर के प्रमुख बाजारों में मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। श्रद्धालु अपनी पसंद की प्रतिमाएं खरीदने के साथ ही उनकी बुकिंग भी करा रहे हैं।
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ग्राहकों का कहना है कि ईको फ्रेंडली मूर्तियां विसर्जन के बाद पानी में जल्दी घुल जाती हैं, जबकि प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं को घुलने में अधिक समय लगता है। हालांकि ईको फ्रेंडली प्रतिमाओं की कीमत अधिक होने से लोग अपने बजट के अनुसार मूर्तियां खरीद रहे हैं।
मूर्ति विक्रेताओं के अनुसार इस बार कच्चे माल, रंग और सजावटी सामग्री के दाम बढ़ने से मूर्तियों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष करीब 300 रुपये में मिलने वाली प्लास्टर और पेरिस की बोरी अब करीब 340 रुपये में मिल रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में गणपति बप्पा की मूर्तियों को घर लाने के लिए खासा उत्साह है। इस साल 100 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की सजावटी और आकर्षक प्रतिमाओं की मांग अधिक है।
कच्चे माल, रंग और सजावटी सामग्री के दाम बढ़ने से इस साल मूर्तियां महंगी हुई हैं। इसके बावजूद ग्राहक लगातार खरीदारी और बुकिंग कर रहे हैं।-विनोद कुमार, दुकानदार
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पिछले चार वर्षों से घर में बप्पा विराजमान होते आ रहे हैं। एक दिन बाद गणेश चतुर्थी है। ऐसे में मूर्ति खरीदकर दुकान पर सुरक्षित रख दी है। -संजय गौतम एडवोकेट निवासी अलीगढ़ रोड।