प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के वक्त बस तेज रफ्तार पर थी, बाइक सवार को चपेट में लेने के बाद चालक ने बस को रोकने की कोशिश की, लेकिन बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने अवरोधक से टकराने के बाद पलट गई। उस समय यात्री नींद में थे और बस पलटते ही उनमें चीख पुकार मच गई। ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए और यात्रियों को एक-एक कर बस से बाहर निकाला। बाद में पुलिस भी पहुंच गई और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। अन्य सवारियों को पीछे से आ रही बसों में बरेली की ओर रवाना कर दिया।
बस पलटी तो एक-दूसरे के ऊपर गिरते गए यात्री...
अचानक तेज झटका लगा और आंखें खुल गईं, इसके बाद बस पलट गई। एक दूसरे के ऊपर यात्री गिरते गए और बस में चीख पुकार मच गई, उठना चाहा लेकिन उठ नहीं पाईं। यह कहना है हादसे में घायल हुई जरीना का। उन्होंने बताया कि पांच-दस मिनट तक तो बस में सवार यात्री समझ ही नहीं पाए कि आखिर क्या हुआ है। सब एक दूसरे पूछ रहे थे कि क्या हुआ, बस पलटी होने के कारण उठ भी नहीं पा रहे थे। बरेली के फरीदपुर के गढ़ियां रंगीन की रहने वालीं जरीन पत्नी इशाक और उनकी बेटी शमा जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।
जरीना ने बताया कि वह जयपुर में साड़ी में डिजाइन बनाने का काम करती हैं और 15 दिन पहले जयपुर आई थीं। हादसे के वक्त वह स्लीपर सीट पर सो रही थीं। पहला झटका लगा तो नींद टूट गई और दूसरे झटके के बाद बस पलट गई। जरीना के दाहिने पैर में फ्रैक्चर आया है, जबकि शमा के हाथ और फैसल के सीने में चोट आई।