हाथरस। सराफा कारोबार पर केंद्र सरकार द्वारा एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाए जाने के विरोध में चल रहा सराफा कारोबारियों का आंदोलन 34वें दिन उग्र हो गया। सराफा व्यापारियों और अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी आंदोलन में शामिल हुए। सराफा बाजार से कारोबारियों का प्रदर्शनकारी जुलूस शहर के विभिन्न बाजारों में होकर निकाला गया। लाउडस्पीकर से केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
जुलूस पसरट्टा बाजार, मोती बाजार, लोहट बाजार, रुई की मंडी, नजिहाई बाजार, घंटाघर, बैनीगंज, बागला मार्ग, गुड़हाई बाजार होता हुआ सराफा बाजार पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने कहा कि इतने दिन की हड़ताल होने के बाद भी केंद्र सरकार ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। यही हाल रहा तो जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। कारोबार लगातार बंद रहने से मजदूरों के सामने भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। वह कर्ज लेकर गुजारा करने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार को उनके मासूम परिवारों पर कोई तरस नहीं आ रहा। सभा में राधेश्याम अग्रवाल, मदन मोहन अपना वाले, अशोक बागला, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, किशन लाल शर्मा, आरके सिंह, बौ. रमनमूर्ति शर्मा, विकास शर्मा, बलवीर वर्मा, सत्यप्रकाश रंगीला, कृपेंद्र सिंह, सौरभ अग्रवाल, धीरेंद्र पाठक, आलोक, गिर्राज किशोर गुप्ता, महेश चंद्र वर्मा, अनिल वार्ष्णेय, हरीमोहन गुरुजी, रवि बच्चू, दीपेश अग्रवाल, अमलेश बंसल, सुरेंद्र वार्ष्णेय, राजेश अग्रवाल, राकेश संटू, मुकेश कुमार सहित काफी व्यापारी शामिल थे।