अलीगढ़ रोड स्थित जमुना बाग में पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय।
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पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय ने बसपा सुप्रीमो पर फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती को पैसे के सिवाय कुछ दिखाई नहीं देता। कभी बिहार के चुनाव के नाम पर पैसा मांगा जाता है तो कभी कोई और बहाना बनाकर पैसा मांगा जाता है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से बसपा का टिकट देेने के बदले उनसे पांच करोड़ रुपये पार्टी के जोन को-ऑर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप द्वारा मांगे गए थे। उन्होंने कहा कि अभी सबूतों के साथ वह कुछ और खुलासे करेंगे और काला चिट्ठा खोलेंगे। परिवार द्वारा बहिष्कार करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका परिवार काफी बड़ा है। दो भाइयों के कहने से ही सब कुछ नहीं हो जाता। वह यहां लोनिवि के गेस्ट हाउस के सामने अपने कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बसपा के को-ऑर्डिनेटर अब यह कह रहे हैं कि क्या पांच करोड़ रुपये मांगने का कोई सबूत वह दे सकते हैं। उपाध्याय ने कहा कि यदि सबूतों के ही आधार पर कार्रवाई की जानी थी तो क्या बसपा सुप्रीमो मायावती उनके खिलाफ अनुशासनहीनता का कोई सबूत दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि उनसे पांच करोड़ रुपये अलीगढ़ लोकसभा टिकट के बदले मांगे गए और यह रुपये बसपा के जोन को-ऑर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप द्वारा मांगे गए। उपाध्याय ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती को पैसे के सिवाय कुछ दिखाई नहीं देता। बसपा में रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्वामी प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, दद्दू प्रसाद, बाबू सिंह कुशवाहा जैसे बड़े नेता मायावती पर रुपये मांगने के आरोप लगा चुके हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी तो मायावती द्वारा रुपये मांगने की रिकॉर्डिंग तक दिखा चुके हैं।
ऐसे में उन्हें कोई सबूत देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई रामवीर उपाध्याय यह कह रहे हैं कि मुझे उन्होंने पाला, पढ़ाया-लिखाया, विधायक बनाया तो मैंने भी उन्हें माता-पिता के रूप में ही देखा है। उनके लिए आज्ञाकारी पुत्र की तरह समर्पित रहा हूं। फर्श तक बिछाया। मंच तक सजाए। यह काम उनका पुत्र भी नहीं कर सकता। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनका परिवार काफी बड़ा है। वह छह भाई हैं। दोे बहनें हैं। काफी रिश्तेदार हैं। महज दो भाइयोें के कहने से ही उनका परिवार से बहिष्कार नहीं हो जाएगा। परिवार के लोगोें को भी पता है कि मेरे साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि बसपा में उन्होंने 25 साल काम किया है। अपने समर्थकों के साथ जाकर बातचीत कर रहे हैं। कई राजनीतिक पार्टियां उनसे अपनी-अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दे रही हैं, लेकिन वह जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएंगे। अपने समर्थकोें से बातचीत के बाद ही कोई निर्णय लेंगे।